नई दिल्ली, पीटीआइ। बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में पांच आगस्त के दिन सुनवाई होने वाली है। रिया द्वारा दायर इस याचिका में पटना में दर्ज मामले की जांच मुंबई ट्रांसफर करने की मांग की गई है। समाचार एजेंसी पीटीआइ ने जानकारी दी है कि सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड लिस्ट के अनुसार इस याचिका पर बुधवार को न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय की पीठ सुनवाई करेगी। 

गौरतलब है कि सुशांत सिंह राजपूत ने गत 14 जून को बांद्रा के एक फ्लैट में मृत पाए गए थे। इस सुसाइड का मामला माना गया है। तब से मुंबई पुलिस मामले की जांच कर रही है। मामले में बिहार और महाराष्ट्र की सरकारों ने सुप्रीम कोर्ट में पहले ही कैविएट दायर कर दिया है, ताकि उनका पक्ष सुने बिना रिया द्वारा दायर याचिका पर कोई फैसला न किया जाए। इसके अलावा सुशांत के पिता कृष्ण किशोर सिंह ने भी मामले में कैविएट दायर की है।

25 जुलाई को, सुशांत के पिता ने पटना में राजीव नगर पुलिस स्टेशन में रिया सहित छह अन्य लोगों के खिलाफ धन उगाही, ब्‍लैकमेल, सुसाइड के लिए उकसाने व प्रताड़ना आदि के कई गंभीर आरोप लगाते हुए एफआइआर दर्ज कराई थी। अभिनेत्री ने अपनी याचिका में कहा है कि वह सुशांत के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में थी और अभिनेता की मौत से उन्हें गहरा सदमा लगा है। उन्हें लगातार धमकी मिल रही है।रिया चक्रवर्ती ने अपनी याचिका में यह भी कहा है कि सुशांत कुछ समय से डिप्रेशन से पीड़ित थे। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले की बिहार में निष्पक्ष जांच नहीं हो सकती है। इसलिए उन्होंने प्राथमिकी को मुंबई ट्रांसफर करने की मांग की। 

रिया चक्रवर्ती पर मनी लांड्रिंग का केस दर्ज

सुशांत की मौत के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लांड्रिंग का केस दर्ज किया है। बिहार पुलिस की एफआइआर पर आधारित मनी लांड्रिंग केस में अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती को भी आरोपी बनाया गया है। जल्द ही ईडी रिया चक्रवर्ती को पूछताछ के लिए समन करेगा। ईडी के वरिष्ठ अधिकारी पूरी जांच की निगरानी करेंगे। ध्यान देने की बात है कि गुरूवार को ही ईडी ने बिहार पुलिस से सुशांत सिंह राजपूत मामले की एफआइआर मांगी थी। मनी लांड्रिंग का केस दर्ज होने जानकारी देते हुए ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बिहार पुलिस की एफआइआर में सुशांत सिंह राजपूत के खातों से करोड़ों रूपये दिये जाने की बात है। ऐसे में यह पता लगाया जाना जरूरी है कि ये पैसे किस काम के लिए दिए गए थे और कहीं ये किसी दबाव में ली गई वसूली से संबंधित तो नहीं है।

 

Posted By: Tanisk

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस