यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 20, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
आठ PFI सदस्यों की जमानत के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 30 अक्टूबर को करेगा सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट के आठ पीएफआइ सदस्यों को जमानत देने के आदेश के खिलाफ एनआइए की याचिका ...और पढ़ें

पीटीआई, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को मद्रास हाई कोर्ट के आठ पीएफआइ सदस्यों को जमानत देने के आदेश के खिलाफ एनआइए की याचिका पर सुनवाई करने की सहमति जताई। शीर्ष अदालत मामले में 30 अक्टूबर को सुनवाई करेगी। पीएफआइ के आठ पदाधिकारियों, सदस्यों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था।
एनआइए की याचिका पर SC करेगा सुनवाई
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने अपनी याचिका में दावा किया कि पीएफआइ चरमपंथी इस्लामिक संगठन है और इसका गठन खतरनाक मंशा के लिए किया गया है। इसका उद्देश्य विजन इंडिया 2047 के तहत भारत में शरिया कानून लागू कर मुस्लिम शासन की स्थापना करना है। एनआइए की याचिका को जस्टिस संजय किशन कौल, जस्टिस सुधांशु धूलिया और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ के समक्ष तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया।
याचिका पर सुनवाई के लिए 30 अक्टूबर की तारीख तय
एनआइए की ओर से पेश वकील रजत नायर ने शीर्ष अदालत से मामले को दिन में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का आग्रह किया और कहा कि हाई कोर्ट आठ आरोपितों को गुरुवार को जमानत दे चुका है। इस पर पीठ ने वकील से पूछा कि किसी को जमानत मिली है। जल्दी क्या है?
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नायर ने कहा कि विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) रातोंरात तैयार की गई है और अदालत से उचित निर्देश पारित करने का अनुरोध है। इस पर पीठ ने याचिका पर सुनवाई के लिए 30 अक्टूबर की तारीख तय की।
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