विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 20, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पांच साल के प्रतिबंध के खिलाफ PFI ने किया सुप्रीम कोर्ट का रुख, केंद्र सरकार के फैसले को दी चुनौती

By AgencyEdited By: Shashank Mishra
Published: Fri, 20 Oct 2023 06:30 PM (IST)

PFI ने केंद्र सरकार की ओर से उस पर लगाए गए पांच साल के प्रतिबंध की गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम ...और पढ़ें

पीएफआइ ने यूएपीए के निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती। (फाइल-फोटो)
पीएफआइ ने यूएपीए के निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती। (फाइल-फोटो)

पीटीआई, नई दिल्ली। पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) ने केंद्र सरकार की ओर से उस पर लगाए गए पांच साल के प्रतिबंध की गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) न्यायाधिकरण द्वारा पुष्टि किए जाने के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। पीएफआइ ने अपनी याचिका में यूएपीए न्यायाधिकरण के 21 मार्च के उस निर्णय को चुनौती दी है, जिसमें उसने केंद्र के 27 सितंबर, 2022 के फैसले की पुष्टि की थी।

सांप्रदायिक नफरत फैलाने के लिए सरकार ने लगाया है प्रतिबंध

न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस और न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी की पीठ पीएफआइ की याचिका पर सुनवाई करने वाली थी, लेकिन उसने यह कहते हुए सुनवाई स्थगित कर दी कि याचिकाकर्ता ने स्थगन के लिए पत्र दिया है। केंद्र सरकार ने इस्लामिक स्टेट (IS) जैसे वैश्विक आतंकी संगठनों के साथ संबंधों और देश में सांप्रदायिक नफरत फैलाने की कोशिश के लिए पीएफआइ पर पांच साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया था।

केंद्र ने पीएफआइ और इसके सहयोगियों या मोर्चों को गैरकानूनी घोषित किया था। पिछले साल सितंबर में सात राज्यों में छापेमारी में पीएफआइ से जुड़े 150 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया या गिरफ्तार किया गया था। सुरक्षा एजेंसियों ने देश भर में 16 साल पुराने इस संगठन के विरुद्ध कार्रवाई की थी।

ISIS जैसे वैश्विक आतंकवादी समूहों के साथ पीएफआई के संबंध

गृह मंत्रालय (एमएचए) की अधिसूचना में कहा गया था कि पीएफआई के कुछ संस्थापक सदस्य स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के नेता हैं, और पीएफआई का जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के साथ संबंध है। JMB और सिमी दोनों प्रतिबंधित संगठन हैं। इसमें कहा गया है कि इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (ISIS) जैसे वैश्विक आतंकवादी समूहों के साथ पीएफआई के अंतरराष्ट्रीय संबंधों के कई उदाहरण हैं।

ये भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट से चंद्रबाबू नायडू को मिली बड़ी राहत, फाइबरनेट केस में गिरफ्तारी पर लगाई रोक

अधिसूचना में दावा किया गया है कि पीएफआई देश में असुरक्षा की भावना को बढ़ावा देकर एक समुदाय में कट्टरपंथ को बढ़ाने के लिए गुप्त रूप से काम कर रहे हैं, जो इस तथ्य से प्रमाणित होता है कि कुछ पीएफआई कैडर अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठनों में शामिल हो गए हैं।

ये भी पढ़ें: वन नेशन वन इलेक्शन पर कोविंद समिति के साथ रोडमैप शेयर करेगा विधि आयोग, राजनीतिक दलों से मांगा समय