अयोध्या में किस जमीन पर बना राम मंदिर? सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका दायर, 2 नवंबर को सुनवाई
अयोध्या राम मंदिर की जमीन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका दायर की गई है, जिसमें यह जांचने के ...और पढ़ें

अयोध्या राम मंदिर की जमीन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर एक समिति गठित करने की मांग की गई है, जो यह निर्धारित करे कि अयोध्या का राम मंदिर ठीक उसी जमीन पर बना है या नहीं, जिस पर शीर्ष अदालत ने निर्णय दिया था। पांच जजों की संविधान पीठ ने नौ नवंबर, 2019 को ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया था।
सर्वसम्मति से दिए फैसले में शीर्ष अदालत ने कहा था कि विवादित 2.77 एकड़ जमीन, जहां कभी विवादित ढांचा था, केंद्र सरकार के रिसीवर के पास रहेगी। यह जमीन मंदिर निर्माण के लिए तीन महीने के भीतर न्यास को सौंप दी जाएगी।
श्री राम जन्मभूमि केस ट्रस्ट द्वारा दायर याचिका पर दो नवंबर को प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ सुनवाई करेगी। याचिका में 2019 के फैसले में तय की गई जमीन के स्वतंत्र सर्वेक्षण या सीमांकन का निर्देश देने की मांग की गई है।
याचिका में कहा गया है कि जमीन की स्थिति का पता लगाने वाली समिति में सर्वेक्षण, राजस्व, पुरातत्व और अन्य तकनीकी क्षेत्रों के ऐसे विशेषज्ञों को शामिल किया जाए, जिन्हें अदालत उचित समझे। यदि शीर्ष अदालत द्वारा निर्धारित जगह और मंदिर की मौजूदा स्थिति के बीच बड़ी विसंगति पाई जाती है, तो अदालत के फैसले का ईमानदारी से पालन सुनिश्चित किया जाए।
(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
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