बिलासपुर, जेएनएन। छत्तीसगढ़ में भाजपा शासनकाल में कागजी संस्था के नाम पर समाज कल्याण विभाग में हुए करीब एक हजार करोड़ रुपये के कथित घोटाले की सीबीआइ जांच पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस आर भानूमति, जस्टिस एस अब्दुल नजीर व जस्टिस एएस बोपन्ना की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने सभी पक्षों को नोटिस भी जारी किए हैं। इस मामले में सात आइएएस सहित करीब 12 अधिकारी आरोपित हैं। हाई कोर्ट ने इस मामले में सीबीआइ को जांच के आदेश दिए थे।

प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव विवेक ढांढ की याचिका पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच के उस फैसले पर रोक लगा दी है, जिसमें घपले की सीबीआइ जांच के निर्देश दिए गए थे। इस मामले में याचिकाकर्ता ने सात आइएएस व पांच राज्य सेवा संवर्ग के अधिकारियों पर आरोप लगाया था। हालांकि, सीबीआइ ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

गौरतलब है कि समाज कल्याण विभाग के संविदा कर्मचारी कुंदन सिंह ने हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर कर समाज कल्याण विभाग में फर्जी एनजीओ बनाकर एक हजार करोड़ रुपये हड़पने का आरोप लगाया था। इसमें उन्होंने सूचना का अधिकार अधिनियम से हासिल दस्तावेज भी दिए थे।

राज्य नि:शक्तजन स्रोत संस्थान के नाम पर प्रदेश के सात आइएएस व पांच राज्य सेवा संवर्ग के अधिकारियों की सूची पेश कर फर्जीवाड़ा में संलिप्तता होने की बात कही थी। हाई कोर्ट के जस्टिस प्रशांत मिश्रा व जस्टिस पीपी साहू की डिवीजन बेंच ने सुनवाई के बाद 30 जनवरी को आरोपित अधिकारियों के खिलाफ सात दिन के भीतर एफआइआर दर्ज करने और समाज कल्याण विभाग से समस्त दस्तावेज जब्त करने के निर्देश सीबीआइ को दिए थे।

चीफ जस्टिस ने गठित की थी स्पेशल बेंच

डिवीजन बेंच के फैसले के खिलाफ पूर्व आइएएस बीएल अग्रवाल व राज्य सेवा संवर्ग के अधिकारी सतीश पांडेय ने चीफ जस्टिस के कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की थी। चीफ जस्टिस पीआर रामचंद्र मेनन ने स्पेशल बेंच का गठन करते हुए जस्टिस प्रशांत मिश्रा व जस्टिस पीपी साहू को सुनवाई के निर्देश दिए थे। दोनों पुनर्विचार याचिका की सुनवाई के बाद स्पेशल बेंच ने खारिज कर दिया था । यही नहीं शासन की पुनर्विचार याचिका भी खारिज कर दी थी।

सुप्रीम कोर्ट में दायर करेंगे याचिका

याचिकाकर्ता कुंदन सिंह के वकील देवर्षि ठाकुर ने पूर्व मुख्य सचिव की ढांढ की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद अब नए सिरे से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने की बात कही है। वकील ने कहा कि जल्द ही इस संबंध में निर्णय लिया जाएगा।

Posted By: Dhyanendra Singh

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