विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

इस्तीफा देने के बाद नहीं मिलेंगे भत्ते और सुविधाएं? सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

Published: Thu, 05 Nov 2026 11:41 PM (IST)

सुप्रीम कोर्ट ने संवैधानिक पदों से इस्तीफा देने वालों को मिलने वाले भत्तों और सुविधाओं को रोकने की याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।

पोस्ट-रिटायरमेंट फायदों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

पोस्ट-रिटायरमेंट फायदों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को केंद्र सरकार से उस याचिका पर जवाब मांगा है, जिसमें संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों (न्यायाधीशों सहित) को इस्तीफा देने के बाद मिलने वाली सुविधाओं और लाभों को बंद करने की मांग की गई है।

प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत और जस्टिस जोयमाल्या बागची की पीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने स्वीकार किया कि याचिकाकर्ता की बात में दम हो सकता है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई दिवाली अवकाश के बाद तय की है।

यह जनहित याचिका प्रतीक वीरा द्वारा दाखिल की गई है। इसमें मांग की गई है कि संवैधानिक पदों पर बैठे उन अधिकारियों को सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले सभी भत्ते और सुविधाएं न दी जाएं, जो महाभियोग या निष्कासन की कार्यवाही से बचने के लिए अपने पद से इस्तीफा दे देते हैं।

याचिका के अनुसार, इस तरह की प्रथा संविधान की मूल भावना और कानून के शासन के सीधे खिलाफ है।

यह मुद्दा तब और महत्वपूर्ण हो गया जब हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश यशवंत वर्मा ने अपने आधिकारिक आवास पर कथित तौर पर नकदी मिलने के बाद इस्तीफा दे दिया था, जिससे उनके खिलाफ संसद में चल रही निष्कासन प्रक्रिया निष्प्रभावी हो गई थी।

याचिका में दलील दी गई है कि कार्यकाल के बीच में पद छोड़ने वालों को सुविधाओं का लाभ मिलने से न्याय प्रणाली पर सवाल उठते हैं।

(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।