नई दिल्ली, प्रेट्र। सुप्रीम कोर्ट ने केरल में आई विनाशकारी बाढ़ को ध्यान में लेते हुए कहा है कि सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा अनिवार्य रूप से आपदा प्रबंधन को प्राथमिकता दिया जाना चाहिए। शीर्ष अदालत ने शुक्रवार को कहा कि यह निराशाजनक है कि अभी तक केवल नौ राज्यों ने आपदा प्रबंधन प्राधिकार की वेबसाइट पर विभिन्न भाषाओं में आपदा प्रबंधन पर रिपोर्ट एवं योजनाओं को अपलोड किया है।

जस्टिस मदन बी. लोकुर और जस्टिस दीपक गुप्ता की पीठ ने कहा, 'निश्चित रूप से आपदा प्रबंधन के उद्देश्य के लिए इसमें अनिवार्यता दिखाई जानी चाहिए। खास तौर से जब हम आपदा प्रबंधन के मुद्दे का समाधान कर रहे हैं तो कुछ अनिवार्यता होनी चाहिए।'

शीर्ष अदालत ने पिछले वर्ष कहा था कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकार (एनडीएमए) को नियमित रूप से सालाना रिपोर्ट प्रकाशित करने की सलाह देना होगा। इसके साथ ही अनुभव के आधार पर सभी योजनाओं की समीक्षा और अपलोड करना अपनी वेबसाइट को विभिन्न भाषाओं में बनाने को कहा जाना भी उचित है। विभिन्न भाषाओं में वेबसाइट रखने से सभी संबंधितों को इसका लाभ मिल सकेगा।

सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सालिसिटर जनरल एएनएस नादकर्णी ने कहा कि नौ राज्य रिपोर्ट अपलोड कर चुके हैं जबकि अन्य 24 अभी प्रक्रिया में हैं। तीन महीने के भीतर सभी आ जाएंगे।

इस पर पीठ ने पूछा कि इन राज्यों ने अभी तक क्यों नहीं किया। केरल में हम विनाशकारी बाढ़ देख रहे हैं। अभी तक यह नहीं किया गया है। राज्यों को देश की भाषाओं में अनुवाद कराने के लिए क्यों महीनों चाहिए।

 

Posted By: Arun Kumar Singh