नई दिल्‍ली, माला दीक्षित। महात्मा गांधी को भारत रत्न देने के लिए भारत सरकार को कोई आदेश या निर्देश जारी करने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि महात्मा गांधी किसी भारत रत्न से कहीं बड़े हैं। महात्मा गांधी को भारत रत्न देने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि महात्मा गांधी भारत रत्न से भी ऊपर हैं। पूरे विश्‍व के लोग महात्‍मा गांधी का बहुत सम्मान करते हैं। कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा कि वह उनकी भावनाओं की कद्र करते हैं। इसलिए वह स्‍वयं इस बारे में सरकार को ज्ञापन दे सकता हैं।

दरअसल, याचिकाकर्ता का कहना था कि कई लोगों को भारत रत्‍न से अब तक नवाजा जा चुका है। महात्‍मा गांधी को अभी तक यह सम्‍मान नहीं दिया गया है। राष्‍ट्रपिता को भी यह सम्‍मान मिलना चाहिए। इस पर कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा, 'देखिए, कोर्ट इस मामले पर सुनवाई नहीं कर सकता है। अगर आप चाहें, तो केंद्र सरकार को इस बारे में ज्ञापन दे सकते हैं। हमारी नजर में महात्‍मा गांधी भारत रत्‍न से कहीं ऊपर हैं।'

इनको मिल चुका है भारत रत्‍न सम्‍मान

बता दें कि 'भारत रत्न' भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। भारत सरकार के द्वारा यह सम्मान असाधारण राष्ट्रीय सेवा के लिए दिया जाता रहा है। इन सेवाओं में विज्ञान, साहित्‍य, कला, सार्वजनिक सेवा और खेल भी शामिल है। हालांकि, पहले इसमें खेल को शामिल नहीं किया गया था, लेकिन बाद में इसे सूची में शामिल किया गया है। इस सम्मान की शुरुआत 2 जनवरी 1954 में भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद द्वारा की गई थी। सरकार ने अब तक कई लोगों को भारत रत्न से सम्मानित किया है। सबसे पहले 1954 में चक्रवर्ती राजगोपालाचारी को भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। इस सूची में समाज के हर क्षेत्र के लोग शामिल हैं। सचिन तेंदुलकर को भी यह सम्‍मान दिया जा चुका है।

Posted By: Tilak Raj

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