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चुनाव आयोग के सदस्यों के चयन से जुड़ा अहम मामला, सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई टालने से किया इनकार

Published: Wed, 06 May 2026 04:49 PM (IST)

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े ...और पढ़ें

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई टालने से किया इनकार। (एएनआई)

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई टालने से किया इनकार। (एएनआई)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें उस कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई टालने का अनुरोध किया गया था। इस नए कानून के तहत, देश के मुख्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति करने वाले उच्च-स्तरीय पैनल से भारत के मुख्य न्यायाधीश को हटा दिया गया है।

केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुनवाई टालने का अनुरोध किया, क्योंकि वे एक अन्य हाई-प्रोफाइल मामले में व्यस्त थे। यह मामला केरल के सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 साल की आयु की महिलाओं के प्रवेश पर लगी रोक हटाने वाले अदालत के फैसले को चुनौती देने से जुड़ा है।

सुप्रीम कोर्ट ने अनुरोध को अस्वीकर किया

हालांकि, जस्टिस दीपांकर दत्ता ने इस अनुरोध को अस्वीकार कर दिया और इस सुनवाई को सबसे अहम करार दिया। उन्होंने मेहता से कहा कि अदालत ने आज की सुनवाई की तारीख काफी पहले से तय कर दी थी।

उन्होंने एक अखबार की रिपोर्ट का भी हवाला दिया, जिसमें बताया गया था कि सबरीमाला मामले की सुनवाई कर रही नौ-जजों की पीठ कथित तौर पर यह टिप्पणी की थी कि इस मामले में दायर जनहित याचिका पर तो सुनवाई होनी ही नहीं चाहिए थी।

मैं नौ-जजों की पीठ वाली सुनवाई में फंसा हुआ हूं- मेहता

मेहता ने कहा कि कृपया इस मामले को अगले हफ्ते के लिए रख लें। मैं नौ-जजों की पीठ वाली सुनवाई में फंसा हुआ हूं। मैं चाहता हूं कि जब याचिकार्ता अपनी दलीलें पेश करें, तो मैं वहां मौजूद रहूं।

सभी मामले महत्वपूर्ण होते हैं- अदालत

अदालत ने जवाब दिया कि अगर आपने हमें एक हफ्ता पहले बताया होता, तो हम इस पर विचार कर सकते थे। लेकिन हमने इस सुनवाई की तारीख एक महीना पहले तय कर दी थी। नौ-जजों की पीठ वाली सुनवाई अगले हफ्ते खत्म नहीं होगी। आप अपने सहयोगियों से आज की सुनवाई के नोट्स लेने के लिए कह दें। याचिताकर्ताओं को अपनी बात शुरू करने दें। सभी मामले महत्वपूर्ण होते हैं।

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