जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली के शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन के कारण बंद शाहीन बाग कालिंदी कुंज रोड खुलवाने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है। शुक्रवार को याचिकाकर्ता अमित साहनी ने कोर्ट से याचिका पर शीघ्र सुनवाई की मांग की कोर्ट ने याचिकाकर्ता से इस बारे में मेंशनिंग आफीसर के पास जाने को कहा।

दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को दी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

पेशे से वकील अमित साहनी ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दाखिल कर दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने सीधे तौर पर रोड खोलने का आदेश नहीं दिया था, बल्कि कहा था कि पुलिस प्रशासन कानून व्यवस्था की स्थिति देखते हुए कार्यवाही करने को स्वतंत्र है।

याचिका में की गई शाहीन बाग-कालिंदी कुंज रोड खुलवाने की मांग

दाखिल याचिका में लोगों की आने जाने की दिक्कतों का जिक्र करते हुए शाहीन बाग-कालिंदी कुंज रोड खुलवाने की मांग की गई है। कहा गया है कि यह सड़क फरीदाबाद दिल्ली और नोएडा को जोड़ने वाली मुख्य सड़क है और रोजाना करीब पांच लाख लोग इस सड़क का इस्तेमाल करते हैं। इसके बंद होने से लोगों बहुत दिक्कत हो रही है।

सड़क बंद होने से ट्रैफिक को डायवर्ड किया गया

इस सड़क के बंद होने से ट्रैफिक को दो जगह आश्रम और डीएनडी पर डायवर्ड किया गया है, लेकिन इसके कारण दोनों ही जगह जाम लगा रहता है जिससे समय, ईधन दोनों की बर्बादी हो रही है इसके अलावा प्रदूषण भी बढ़ता है। याचिका में कहा गया है कि सड़क बंद होने से उससे आने जाने वालों के अधिकार का हनन हो रहा है।

याचिका में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में शांतिपूर्ण ढंग से सड़क खुलवाने की मांग की गई

याचिका में कहा गया है कि प्रशासन के सड़क खुलवाने के लिए किये जा रहे प्रयासों की निगरानी सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत न्यायाधीश या हाईकोर्ट के सिटिंग न्यायाधीश करें ताकि शांतिपूर्ण ढंग से सड़क खुलवाई जा सके और हिंसा न हो। यह सड़क पिछले 15 दिसंबर से बंद है। याचिका में ओखला अंडर पास भी खुलवाने की मांग की गई है।

Posted By: Bhupendra Singh

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