'बंगाल विधानसभा स्पीकर को समय सीमा पता है...', TMC के 10 बागी विधायकों को लेकर SC की टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने TMC के 10 बागी विधायकों की अयोग्यता याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने विश्वास जताया कि पश्चिम ...और पढ़ें
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सुप्रीम कोर्ट ने TMC बागी विधायकों की अयोग्यता याचिका पर सुनवाई की।
HighLights
सुप्रीम कोर्ट ने TMC बागी विधायकों की अयोग्यता याचिका पर सुनवाई की।
कोर्ट ने स्पीकर से 10 अक्टूबर तक फैसला लेने का विश्वास जताया।
TMC विधायक सोहनदेब चट्टोपाध्याय ने याचिका दायर की थी।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने TMC के 10 बागी विधायकों की आयोग्य याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा, 'हमें पूरा भरोसा है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष को उस अदालती आदेश की पूरी जानकारी है, जिसमें बागी विधायकों के खिलाफ अयोग्यता याचिकाओं पर फैसला लेने के लिए तीन महीने की समय-सीमा तय की गई थी।'
3 जज की पीठ ने की सुनवाई
भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले TMC गुट के विधायक सोहनदेब चट्टोपाध्याय की याचिका का निपटारा करते हुए यह बात कही।
चट्टोपाध्याय ने कोर्ट में विधानसभा अध्यक्ष को बागी विधायकों के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिकाओं पर जल्द से जल्द फैसला सुनाने की याचिका दायर की थी।
तीन महीने की दी गई थी समय सीमा
इस मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने मुख्य रूप से कहा कि अयोग्यता याचिका पर निर्णय लेने के लिए तय की गई तीन महीने की समय सीमा 10 अक्टूबर को समाप्त हो रही है।
कोर्ट ने कहा, 'हमें पूरा भरोसा है कि माननीय स्पीकर को इस अदालत के फैसले और उसकी तय सीमा की पूरी जानकारी है। वे तय समय-सीमा के भीतर इस पर उचित फैसला लेने की पूरी कोशिश करेंगे।'
पूरा मामला क्या है?
TMC विधायक सोहनदेब चट्टोपाध्याय ने विधानसभा स्पीकर रथिन बोस के सामने याचिका दायर कर 10 बागी विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग की थी।
उन्होंने विधायकों पर दल-बदल नियमों का उल्लंघन करने और पार्टी के प्राथमिक हितों के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया था। इसके बाद ये मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था जिसमें एक समय-सीमा के अंदर इसे निपटाने का आदेश दिया गया था।
