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सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद CBI का एक्शन, 11 करोड़ रुपये की डिजिटल अरेस्ट लूट मामले में दो गिरफ्तार

Published: Mon, 28 Sep 2026 07:53 AM (IST)

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने डिजिटल अरेस्ट स्कैम में बड़ी कार्रवाई की है। इस ऑपरेशन में 11.4 करोड़ ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद सीबीआई ने बड़ा एक्शन लिया है। डिजिटल अरेस्ट स्कैम के बड़े मामलों की जांच करते हुए एक बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इस नेटवर्क ने गुजरात के एक पीड़ित से 11.4 करोड़ रुपये ठगे थे, जिसे तीन महीने तक डिजिटल अरेस्ट में रखा गया था।

अपराधियों ने पुलिस और ट्राई के अधिकारी बनकर पीड़ित को पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया था। ये गिरफ्तारियां 'ऑपरेशन चक्र-VI' के तहत 10 राज्यों में 22 जगहों पर की गई छापेमारी के बाद हुईं। यह ऑपरेशन संगठित साइबर क्राइम सिंडिकेट के खिलाफ एजेंसी की चल रही मुहिम का हिस्सा है।

हिमांशु प्रसाद और यूनिस बिस्वास गिरफ्तार

तलाशी के दौरान जांचकर्ताओं ने हिमांशु प्रसाद और यूनिस बिस्वास की पहचान मुख्य ऑपरेटर्स के तौर पर की, जिनका काम अपराध से मिली रकम को लेना, उसे अलग-अलग खातों में घुमाना (लेयरिंग) और आगे बांटना था।

आरोप है कि इन दोनों ने चोरी की रकम में से 2.5 करोड़ रुपये हेक्साक्वेस्ट ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड के बैंक खाते के जरिए घुमाए और बाद में पैसे कई साथियों के खातों में ट्रांसफर कर दिए ताकि पैसों का पता न चल सके।

फॉरेंसिक जांच में क्या मिला?

दोनों से जब्त किए गए डिजिटल डिवाइस की फॉरेंसिक जांच से पता चला कि वे म्यूल अकाउंट्स (दूसरे के नाम पर खोले गए खाते) को मैनेज करने और अलग-अलग साइबर फ्रॉड से मिले पैसे को निकालने के लिए खतरनाक APK फाइलों का इस्तेमाल करने में शामिल थे।

सीबीआई ने ऐसे चैट, बैंकिंग दस्तावेज और अकाउंट रिकॉर्ड भी बरामद किए हैं जिनसे सिंडिकेट के बड़े तकनीकी नेटवर्क का पता चल सके और बाकी सदस्यों को पकड़ा जा सके।

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