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CJP प्रदर्शन पर SC की टिप्पणी, ‘कोई आंदोलन करना चाहता है, कोई मूंगफली बेचना…’

Published: Fri, 16 Oct 2026 11:58 AM (IST)Updated: Fri, 16 Oct 2026 01:12 PM (IST)

सुप्रीम कोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के कारण कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क को बंद करने ...और पढ़ें

सीपी में सीजेपी के प्रोटेस्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी। (एआई द्वारा निर्मित फोटो।)

सीपी में सीजेपी के प्रोटेस्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी। (एआई द्वारा निर्मित फोटो।)

HighLights

  1. सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार।

  2. कनॉट प्लेस सेंट्रल पार्क बंद होने से व्यापार प्रभावित।

  3. कोर्ट ने सभी पक्षों से समझदारी दिखाने की उम्मीद जताई।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के चलते दिल्ली नगर परिषद (एनडीएमसी) की ओर से कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क को बंद करने के आदेश के खिलाफ कारोबारियों ने याचिका फाइल की है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने उम्मीद जताई कि सभी संबंधित पक्षों में बेहतर समझ आएगी।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने कहा, "हमें उम्मीद है कि सभी लोग समझदारी से काम लेंगे। छोटे दुकानदार इन्हीं दिनों अपनी आजीविका कमाते हैं। हम जानते हैं कि पूरे परिवारों को कितनी कठिनाइयों और परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।"

'जब ऐसी नौबत आएगी, तब देखा जाएगा'

जस्टिस बागची ने कहा कि विरोध-प्रदर्शन से जुड़े कई मुद्दे जैसे विरोध करने का अधिकार, मूंगफली बेचने का प्रस्ताव और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चिंताएं आपस में जुड़े हुए हैं। जस्टिस बागची ने कहा, "कोई विरोध करना चाहता है, कोई मूंगफली बेचना चाहता है और कोई कानून-व्यवस्था बनाए रखना चाहता है। ये सभी बातें एक-दूसरे से जुड़ी हैं।"

जस्टिस बागची ने कहा, "अगर व्यापार में नुकसान होता है तो हम अपने संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल करेंगे। जब ऐसी नौबत आएगी, तब देखा जाएगा।" बेंच ने बताया कि इस याचिका को 26 या 27 अक्टूबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जा सकता है।

सुनवाई के दौरान वकील ने बताया कि एनडीएमसी ने गुरुवार देर रात सेंट्रल पार्क को बंद करने का निर्देश दिया, जिससे वहां व्यापार करना असंभव हो गया है। जस्टिस बागची ने संकेत दिया कि अगर उठाए गए कदम जरूरत से ज्यादा (अनुचित) पाए जाते हैं तो अदालत के पास हस्तक्षेप करने का पूरा अधिकार है। इसमें सार्वजनिक कानून और मुआवजा कानून के तहत मिली शक्तियां भी शामिल हैं।

किसने दायर की याचिका?

वकील जय अनंत देहादराय ने दिल्ली किराना कमिटी और दिल्ली आयरन एंड हार्डवेयर मर्चेंट एसोसिएशन द्वारा दायर एक याचिका का जिक्र किया। इसमें सेंट्रल पार्क में विरोध प्रदर्शन के आह्वान को लेकर चिंता जताई गई है। उनके अनुसार, इससे रोजाना 200 करोड़ रुपये का व्यापार बाधित होगा। उन्होंने बताया कि नई दिल्ली नगर निगम ने कल रात एक नोटिस जारी कर इस जगह को बंद करने का आदेश दिया है।

वकील ने दलील दी कि त्योहारों का मौसम आने वाला है, ऐसे में जगह को बंद करने से कारोबार को भारी नुकसान होगा।

अभिजीत दीपके की अपील

सीजेपी अभिजीत दीपके ने लोगों से अपील की है कि वे शुक्रवार को दिल्ली के व्यावसायिक केंद्र कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में राष्ट्रीय ध्वज के साथ इकट्ठा हों। उन्होंने आरोप लगाया है कि सीजेपी के सदस्यों सौरव दास और आशुतोष रांका को तिरंगा फहराने के लिए जेल में डाल दिया गया है।

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