नई दिल्ली (प्रेट्र)। योग गुरु बाबा रामदेव के जीवन पर लिखी किताब 'गॉडमैन टू टाईकून' के प्रकाशन और बिक्री पर लगे प्रतिबंध को दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा बरकरार रखने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बदलने से इन्कार कर दिया। बाबा रामदेव का दावा है कि इस किताब में उनके खिलाफ अपमानजनक सामग्री लिखी गई है।

प्रधान न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा, एएम खानविलकर और डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने किताब के प्रकाशक जगरनॉट बुक्स को कोई अंतरिम राहत प्रदान करने से तो इन्कार कर दिया, लेकिन दिल्ली हाई कोर्ट से सितंबर के अंत तक फैसला सुनाने का अनुरोध किया। प्रकाशन ने अपनी याचिका में किताब के प्रकाशन और बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के लिए निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी है।

दिल्ली हाई कोर्ट ने भी 10 मई के अपने अंतरिम आदेश में इस किताब पर लगाए गए प्रतिबंध को हटाने से इन्कार कर दिया था। मालूम हो कि यह किताब पत्रकार प्रियंका पाठक नराई ने लिखी है और पिछले साल जुलाई में प्रकाशित हुई थी। प्रकाशक का दावा है कि यह किताब गंभीर पत्रकारिता का एक उदाहरण है।

Posted By: Nancy Bajpai

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