नई दिल्ली, प्रेट्र। सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना महामारी के बीच मामलों की ई-फाइलिंग, मेंशनिंग और सूचीबद्ध करने के नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सर्वोच्च अदालत के दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी खंडपीठों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये ही सुनवाई करनी होगी। नए मामले लंबित हैं जिन्हे पहले सूचीबद्ध नहीं किया जा सका था। उनको अब 6 जुलाई से सूचीबद्ध किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट में अपलोड किए गए दिशा-निर्देशों में बताया गया है कि देश के मुख्य न्यायाधीश ने संविधान पीठों को भी निर्देशित किया है कि वह वर्चुअल अदालतों को छह जुलाई यानी सोमवार से शुरू करें। कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते सरकार के इससे संबंधित दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा।

बताया जा रहा है कि 13 जुलाई से विविध मामलों की सुनवाई सोमवार और शुक्रवार को हुआ करेगी। जबकि गैर विविध मामलों की सुनवाई मंगलवार, बुधवार और गुरुवार को हुआ करेगी। सर्वोच्च अदालत ने कहा कि सभी पक्षों को यह ध्यान रखना होगा कि वह वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सुनवाई में शामिल हो रहे हैं इसलिए ड्रेस, व्यवहार और अनुशासन में संयम बरतें।

गर्मी की छुट्टी के बाद खुला सुप्रीम कोर्ट

कोरोना महामारी के कारण इस साल सुप्रीम कोर्ट में गर्मी की छुट्टी 22 जून से तीन जुलाई तक रही। इस दौरान शीर्ष न्यायालय में सिर्फ जरूरी मामलों की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सुनवाई हुई। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दिशा-निर्देश जारी किए थे। इसमें कहा गया कि ग्रीष्मावकाश के पहले सप्ताह 22 से 26 जून तक दो खंडपीठ (जज इन चेंबर व रजिस्ट्रार कोर्ट) वीडियो व टेली कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई करेंगी। अवकाश के दूसरे सप्ताह 30 जून से तीन जुलाई तक भी दो पीठ मामलों की सुनवाई करेंगी। कोर्ट ने नए मामलों को लेकर भी दिशा-निर्देश और अलग-अलग मामलों के लिए अलग-अलग ईमेल आइडी जारी किए हैं।

समाचार एजेंसी पीटीआइ की रिपोर्ट के मुताबिक, लॉकडाउन के दौरान सुप्रीम कोर्ट वीडियो कांफ्रेन्सिंग के जरिए सात हजार से ज्यादा मामलों की सुनवाई करने का विशेष लक्ष्य हासिल करने जा रहा है।

Posted By: Shashank Pandey

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