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नई दिल्‍ली, [माला दीक्षित]। Ayodhya Case: राम जन्मभूमि मामले में गुरुवार को 22वें दिन की सुनवाई की गई। मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने गुरुवार को बताया कि उन्हें धमकी दी जा रही है। उनके क्लर्क से भी कहा गया है कि माहौल बहस का नहीं है। वह बार-बार अवमानना नहीं दाखिल कर सकते। हालांकि कोर्ट ने कहा, ‘आप बिना प्रभावित हुए बहस करिए।’ 

उन्‍होंने बताया कि फेसबुक पर उन्‍हें धमकियां दी जा रही हैं हालांकि फिलहाल सिक्‍योरिटी की जरूरत से इंकार कर दिया। वकील राजीव धवन ने यह भी कहा, ‘एक मंत्री ने मुझसे कहा है कि जगह हमारी है मंदिर हमारा है सुप्रीम कोर्ट हमारा है।’ इसपर कोर्ट ने कहा, ‘देश में ऐसा नहीं होना चाहिए। हम ऐसे बयानों की निंदा करते हैं।’ इसके पहले भी उन्‍होंने राजस्‍थान और तमिलनाडु के दो लोगों द्वारा दी जा रही धमकी की बात कही थी। इसपर चीफ जस्‍टिस रंजन गोगोई की अध्‍यक्षता वाली बेंच ने आरोपियों के खिलाफ नोटिस भी जारी किया था।

बुधवार को कोर्ट में मुस्लिम पक्ष ने कहा था कि जन्मस्थान पर मूर्ति रखकर दावा जरूर किया जा रहा है, लेकिन कानूनी रूप से वहां हक मुस्लिम पक्ष का है। वकील राजीव धवन की ओर से हिंदू पक्ष को यह साबित करने के लिए कहा गया कि 22-23 दिसंबर 1949 (जब अंदर मूर्तियां रखी गईं थी) के पहले उनका वहां क्या अधिकार था।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान सीधे प्रसारण या रिकार्डिंग किए जाने की केएन गोविन्दाचार्य की मांग पर 16 सितंबर को विचार किया जाएगा।

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Posted By: Monika Minal

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