अतिक्रमण हटाने में लापरवाही पड़ी भारी: सुप्रीम कोर्ट ने BMC आयुक्त का वेतन रोका, अवमान कार्रवाई शुरू
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत, जस्टिस जयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की तीन सदस्यीय बेंच ने बीएमसी की 30 ...और पढ़ें

सुप्रीम कोर्ट ने BMC आयुक्त का वेतन रोका, अवमान कार्रवाई शुरू
HighLights
सीजेआई सूर्यकांत ने अधिकारियों के रवैये पर सख्त टिप्पणी की
जस्टिस बागची ने कहा कि बीएमसी कर्मचारी 1 दिसंबर 2026 तक वेतन नहीं निकाल पाएंगे
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बृहन्मुंबई महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी सतीश भिड़े और अन्य अधिकारियों का नवंबर का वेतन तुरंत रोकने का आदेश दिया है। कोर्ट ने बोरीवली में बीईएसटी (BEST) बस स्टेशन के लिए आरक्षित सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने में विफल रहने पर उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही भी शुरू की।
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत, जस्टिस जयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की तीन सदस्यीय बेंच ने बीएमसी की 30 दिन अतिरिक्त समय की मांग खारिज कर दी और नगर निकाय पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
कोर्ट ने साफ कहा कि शो-कॉज नोटिस का फैसला होने और आदेशों का पालन होने तक आयुक्त और संबंधित स्टाफ को वेतन नहीं मिलेगा।
जस्टिस बागची ने कहा कि आप 1 दिसंबर 2026 तक वेतन नहीं निकाल पाएंगे। इसलिए उससे पहले पालन करें। यहां आकर फिर वेतन ले सकते हैं।
सीजेआई सूर्यकांत ने अधिकारियों के रवैये पर सख्त टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यह सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पूरी तरह शरारती उल्लंघन है, जिसमें अतिक्रमणकारियों की सीधी मिलीभगत और समर्थन है। अगर आप चाहें तो हम इसे आदेश में ही लिख सकते हैं।
कोर्ट ने पहले 13 नवंबर 2025 और 28 जुलाई 2026 को समयबद्ध निर्देश दिए थे कि बोरीवली में बीईएसटी बस स्टैंड के लिए चिन्हित जमीन से अतिक्रमण हटाए जाएं। इनका पालन न होने पर अवमानना नोटिस जारी किया गया। सीजेआई ने चेतावनी दी कि आदेशों का पालन न करने पर अधिकारियों को जेल भी भेजा जा सकता है।
यह मामला निजी डेवलपर और बीएमसी के बीच लंबे विवाद से जुड़ा है। अगस्त 2025 में कोर्ट ने डेवलपर को खाली और शांतिपूर्ण कब्जा बीएमसी को सौंपने का निर्देश दिया था, जिसके बाद बीएमसी को अतिक्रमण हटाने और बस स्टेशन चालू करने थे।