केरल,एएनआइ। सुप्रीम कोर्ट ने केरल सरकार को निर्देश दिया कि वह 2 जनवरी को सबरीमाला मंदिर में प्रवेश करने वाली दोनों महिलाओं को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करे। इससे पहले सबरीमाला मंदिर में प्रवेश करके इतिहास रचने वाली दोनों महिलाओं (कनकदुर्गा और बिंदु)ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी सुरक्षा को लेकर याचिका दायर की थी। उन्होंने इस याचिका में कहा था कि राज्य में उग्र आंदोलन और विरोध प्रदर्शन से उनकी जान को खतरा है। 

केरल सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत एक नोट में कहा गया है कि 10 से 50 वर्ष के बीच की 51 महिलाओं ने अभी तक सबरीमाला मंदिर में प्रवेश किया है।

बता दें कि मंदिर में प्रवेश करने वाली 44 वर्षीय कनकदुर्गा ने अपनी सास पर कथित रूप से हमले का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि मंगलवार सुबह जब वह घर लौटी तो उसकी सास ने कथित रूप से उसके सिर पर हमला किया। इसके बाद कनकदुर्गा को पेरिनथलमन्ना अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

इससे पहले सबरीमाला मंदिर को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 44 वर्षीय कनकदुर्गा और 40 वर्षीय बिंदु ने भगवान अयप्पा के मंदिर में दो जनवरी को प्रवेश किया था। कनकदुर्गा सिविल सर्विस में कार्यरत हैं, वहीं बिंदु केरल के कन्नूर यूनिवर्सिटी में लेकचरर हैं। दोनों महिलाओं को तब से लगातार धमकियां मिल रही हैं।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर में 50 वर्ष से कम आयुवर्ग की महिलाओं के प्रवेश पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया था, जिसके बाद पिछले साल सितंबर से ही सबरीमाला मंदिर विवादों में घिरा हुआ है।  

Posted By: Tanisk

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