नई दिल्ली, एएनआइ। सुप्रीम कोर्ट ने एक महिला की चिकित्सकीय जांच करने पर रोक लगा दी है। दरअसल छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक आदेश पारित किया था जिसमें ये कहा गया था कि डॉक्टरों की एक टीम एक महिला की चिकित्सकीय जांच करें, जांच करने के बाद वो अपनी रिपोर्ट दें कि उक्त महिला विवाह करने के लिए मानसिक रूप से स्वस्थ है या नहीं। यदि स्वस्थ नहीं है तो उसका विवाह न कराया जाए।

इससे पूर्व, अपने परिवार की मर्जी के खिलाफ एक मुसलमान से शादी करने वाली युवती के पिता ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी कि उसके मानसिक स्वास्थ्य की जांच की जाए कि वह शादी करने के योग्य है या नहीं। 

इसके बाद, हाईकोर्ट ने यही आदेश जारी करते हुए एक मनोचिकित्सक समेत तीन डॉक्टरों की टीम गठित करने को कहा था। यह टीम ही उस महिला के चिकित्सकीय परीक्षण की रिपोर्ट को एक सीलबंद लिफाफे में देना था।
लिहाजा, जस्टिस एमआर शाह की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ ने शनिवार को हाईकोर्ट के इस आदेश पर रोक लगा दी। साथ ही महिला के वकीलों से कहा कि वह चार सप्ताह के अंदर इस मामले को लेकर वापस हाईकोर्ट जाएं। सर्वोच्च अदालत ने कहा कि इसमें हाईकोर्ट को यह छूट होगी कि वह याचिकाकर्ता (महिला) को बुलाए और उससे बात करके सही तथ्यों का पता लगाने की कोशिश करे।
 

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Posted By: Vinay Tiwari

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