नई दिल्ली, जेएनएन। सूर्य ग्रहण के बाद इस साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। ये ग्रहण 21 जनवरी को लगेगा। इस चंद्र ग्रहण को 'सुपर ब्लड वुल्फ मून' के नाम से जाना जाएगा। ये ग्रहण इस साल का दूसरा ग्रहण होगा। इससे पहले सूर्य ग्रहण लग चुका है। बताया जा रहा है कि ग्रहण के दौरान चंद्रमा लाल और तांबे जैसे गहरे रंग का दिखाई देगा। भारत के समयनुसार, चंद्र ग्रहण 20 जनवरी सुबह 10 बजे से लेकर 21 जनवरी की शाम 3 बजकर 33 मिनट तक रहेगा। इसके बाद रात्रि 11 बजकर 41 मिनट से पूर्ण चंद्रग्रहण शुरू होगा।

भारत में दिखाई नहीं देगा चंद्र ग्रहण
ये चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। 20-21 जनवरी को लगने वाला चंद्र ग्रहण मध्य प्रशांत महासागर, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका में दिखाई देगा। बता दें कि इस साल एक और चंद्र ग्रहण लगेगा जो 16 जुलाई को होगा। इस ग्रहण के लगने का समय दोपहर 1.31 बजे से शाम 4.40 बजे तक रहेगा।

क्यों दिया गया 'सुपर ब्लड वुल्फ मून' नाम
बता दें कि पूर्ण चंद्र ग्रहण को सुपर मून भी कहा जाता है, क्योंकि यह चांद सामान्य दिनों की तुलना में बड़ा और ज्यादा चमकीला नजर आता है। ग्रहण के समय चांद पृ्थ्वी के करीब होता है, जिसके कारण चांद सुर्ख लाल यानि गहरा भूरा रंग का हो जाता है। रात के अंधेरे में यह नजारा काफी अद्भुत दिखाई देता है। इस वजह से इसे ब्लड मून कहा जाता है। ऐसे चंद्र ग्रहण को अमेरिका में रहने वाली जनजातियों ने वोल्फ मून नाम दिया था। इसके पीछे की वजह बताई जा रही है कि पूर्णिमा की रात को भोजन की तलाश में निकलने वाले भेड़िये उसे देखकर जोर-जोर से आवाज लगाते हैं। इसलिए इस चंद्र ग्रहण को 'सुपर ब्लड वुल्फ मून' नाम दिया गया।

Posted By: Arti Yadav