नई दिल्ली,एएनआइ। जरूरी फंड नहीं मिल पाने के कारण इस समय जेट एयरवेज भारी संकट से जूझ रही हैं। एयरवेज ने क्रैश हो रही उनकी फ्लाइट को बचाने के लिए सरकार से भी दरख्वास्त की है। परेशान कर्मचारियों की दुख भरी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल है, जहां इस बीच जेट एयरवेज के कर्मचारियों ने शनिवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली से उनके आवास पर मुलाकात की है। बता दें कि जेट एयरवेज के 23 हजार कर्मचारियों का वेतन अटक गया है। बकाया वेतन के भुगतान के लिए कर्मचारियों ने राष्ट्रपति राम नाथ कोविद से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक को पत्र लिख इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।

जेट एयरवेज के सीईओ विनय दूबे ने बताया कि हमने वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात की। हमने उनके सामने अपनी बात रखी है। हमने उनसे एक खुली और पारदर्शी बोली प्रक्रिया करने का अनुरोध किया है, उन्होंने हमें इसका आश्वासन भी दिया और यह भी बताया कि ब्याज की अभिव्यक्ति के हिस्से के रूप में 4 पार्टियां थीं जो जेट एयरवेज में रुचि रखती थीं।

नकदी के भारी संकट से जूझ रही जेट एयरवेज में फिलहाल 23,000 कर्मचारी कार्यरत है और कंपनी इन्हें समय पर सैलरी का भुगतान नहीं कर पा रही है, इन कर्मचारियों में पायलट भी शामिल हैं। जेट एयरवेज के भविष्य को लेकर जारी अनिश्चितता के बीच दो कर्मचारी संघों ने अब इस मामले पर प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को पत्र लिखा है। इसी हफ्ते ठीक इसी तरह का एक पत्र सोसाइटी फॉर वेलफेयर ऑफ इंडियन पायलट (एसडबल्यूआईपी) और जेट एयरक्रॉफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग वेलफेयर एसोसिएशन (जेएएमईडब्ल्यूए) ने सैलरी बकाया भुगतान के निपटान में मदद मांगी है।

पत्रों में कहा गया, "हम आपसे अनुरोध करते हैं कि इस स्थिति पर तात्कालिकता के साथ विचार करें, जिसकी जरूरत है और जेट एयरवेज (इंडिया) लिमिटेड के प्रबंधन को प्रभावित कर्मचारियों की बकाया राशि का भुगतान करने के लिए निर्देशित करें।" एक पत्र में कहा गया, "हम आपसे यह आग्रह भी करते हैं कि आपातकालीन धन के प्रबंध की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, क्योंकि इस वक्त हर मिनट और हर निर्णय महत्वपूर्ण है।"

गौरतलब है कि पूंजी के अभाव में बुधवार को परिचालन स्थगित करने से जेट एयरवेज के कर्मचारी सड़क पर आ गए हैं।

Posted By: Nitin Arora

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