गुरुग्राम में ली ट्रेनिंग, 2022 में जॉइन की flydubai... मुंबई के घाटकोपर के हैं 'रियल हीरो' स्मित मछार
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में को-पायलट के हमले के बावजूद, भारतीय कैप्टन स्मित मछार ने ...और पढ़ें

सैकड़ों यात्रियों का जान बचाने वाले कैप्टन स्मित मछार।
HighLights
कैप्टन स्मित मछार ने को-पायलट के हमले के बाद विमान बचाया।
घायल होने पर भी 174 यात्रियों की जान बचाई, बहादुरी दिखाई।
प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन मछार की हिम्मत और सूझबूझ की सराहना की।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बीते दिन दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई में हुई घटना चर्चा के केंद्र में है। इस घटना में कैप्टन स्मित मछार हीरो बनकर सामने आए हैं। जब ये फ्लाइट हवा में थी तो दो पायलटों के बीच बहस हुई और ओमान के रहने वाले को-पायलट ने मछार पर चाकू से हमला कर दिया और विमान को क्रैश कराने की कोशिश की। मछार ने घायल अवस्था में बहादुरी दिखाई और सूझबूझ से इस प्लेन को क्रैश होने से बचाते हुए सुरक्षित लैंडिंग कराई।
फ्लाईदुबई के पायलट कैप्टन स्मित मछार भारतीय नागरिक हैं और मुंबई के रहने वाले हैं। उन्होंने गुरुग्राम (पूर्व में गुड़गांव) से पायलट की ट्रेनिंग ली है। फ्लाईदुबई जॉइन करने से पहले वह स्पाइसजेट के पायलट थे। उन्होंने 2022 में स्पाइसजेट छोड़ दी थी।
अब कैसी है कैप्टन मछार की हालत
कैप्टन मछार की हालत स्थिर बताई जा रही है। कई दोस्त और साथी उन्हें एक बेहतरीन इंसान के तौर पर याद करते हैं और उनके ठीक होने की प्रार्थना कर रहे हैं। उन्हें ट्रेनिंग देने वाले एक सीनियर पायलट ने कहा, "उन्होंने न्यूजीलैंड से अपना कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) का कोर्स किया और फिर मानेसर (गुरुग्राम) में FSTC में बोइंग 737 पर टाइप रेटिंग की ट्रेनिंग ली।"
उन्होंने आगे कहा, "वह बहुत अच्छे और शांत स्वभाव के इंसान हैं और हमेशा कुछ नया सीखने के लिए तैयार रहते हैं। मुझे उनके बारे में कोई भी बुरी बात याद नहीं है।" बता दें कि स्मित के भाई भी पायलट हैं और फ्लाईदुबई के लिए ही उड़ान भरते हैं।
पीएम मोदी ने भी की तारीफ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि कैप्टन स्मित मछार एक हीरो हैं। सबसे बड़े खतरे का सामना करते हुए और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, उन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए बहुत हिम्मत और अटूट संकल्प दिखाया। उनकी बहादुरी से सैकड़ों लोगों की जान बची और एक बड़ी त्रासदी टल गई। भारत को कैप्टन मच्छर पर गर्व है। उनके जल्द ठीक होने, नई ताकत पाने और अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना कर रहा हूं।
कैप्टन मछार की हिम्मत ने बचाई सैकड़ों यात्रियों की जान
ओमान के रहने वाले को-पायलट के हमले का शिकार होने के बावजूद घाटकोपर के रहने वाले इस कैप्टन ने न सिर्प हमलावर का मुकाबला किया, बल्कि घायल होने के बाद भी प्लेन पर दोबारा कंट्रोल भी हासिल किया। बेहद अचानक हुए हमले और गंभीर हालात के बाद भी सूझबूझ दिखाते हुए उन्होंने प्लेन को नीचे गिरने से बचा लिया। उस समय बोइंग 737 MAX प्लेन गिरने की कगार पर था।
ट्रैकिंग साइट Flightradar24 के मुताबिक, FZ 1073 के तौर पर उड़ रहा प्लेन (A6-FKF) सिर्फ 29 सेकंड में 30,875 फीट से 16,750 फीट यानी 14,000 फीट (लगभग 4.3 किमी.) नीचे आ गया था। Flightradar24 के डेटा में लगभग 30,000 फीट प्रति मिनट की तेजी से नीचे आने की रफ्तार रिकॉर्ड की गई।
इस फ्लाइट में 174 यात्री थे, जिनमें से 166 इजरायली नागरिक थे। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक वीडियो संदेश में कहा, "फ्लाइट के दौरान जब वे देश के करीब पहुंच रहे थे तो एक पायलट ने दूसरे पायलट पर चाकू से हमला कर दिया। ऐसा लगता है कि उसने यात्रियों के साथ प्लेन को क्रैश करने की कोशिश की।"
कैप्टन स्मित मछार ने इस मुश्किल समय में प्लेन को खतरनाक तरीके से नीचे गिरने से बचा लिया। जैसे ही उन्होंने प्लेन को संभाला क्रू मेंबर्स ने कॉकपिट का दरवाजा खोला और हमलावर को-पायलट पर काबू पा लिया। FZ 1073 में दो और पायलट यात्री के तौर पर यात्रा कर रहे थे, जिन्हें तेल अवीव से दुबई वापस प्लेन उड़ाकर ले जाना था।
विमान के तेजी से नीचे गोता लगाने के दौरान उसका रडार (जो दिशा बदलने के काम आता है) अलग हो गया था। फ्लाईदुबई के एक प्रवक्ता ने पुष्टि की कि फ्लाइट डेक पर "झगड़ा हुआ था"।
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