'स्टारलिंक पर पाबंदी बड़ी गलती, गंवानी पड़ेगी जानें', मस्क और अमेरिका के फैसले पर जेलेंस्की का तीखा हमला
अमेरिका के साथ तनाव के बीच यूक्रेन ने दावा किया है कि एलन मस्क ने स्टारलिंक की गति धीमी करा दी है, जिससे उसके ड्रोन अभियान प्रभावित हुए हैं।

स्टारलिंक की स्पीड घटने से यूक्रेन के ड्रोन ऑपरेशन को लगा झटका

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जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच यूक्रेन ने दावा किया है कि एलन मस्क ने अपनी कंपनी स्पेसएक्स की स्टारलिंक और स्टारशील्ड सेवा की गति धीमी करा दी है, जिससे उसके ड्रोन अभियान प्रभावित हुए हैं।
यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक, इससे रूसी ठिकानों पर हमले करने और रूसी ड्रोनों को रोकने की क्षमता पर असर पड़ा है। उनका कहना है कि पाबंदी से पहले कोई चेतावनी नहीं दी गई।
इंटरनेट की स्पीड लिमिट घटाकर 160 किमी प्रति घंटा कर दी गई। ये घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब मस्क भारत में भी अपनी उपग्रह आधारित इंटरनेट सेवा शुरू करने के लिए हाथ-पैर मार रहे हैं, लेकिन यूक्रेन जैसी सुरक्षा चिंताओं के चलते उन्हें फिलहाल मंजूरी नहीं मिल सकी है। इसके चलते वह अपनी हताशा अपने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर भी जताते रहे हैं।
रॉयटर्स के अनुसार, मस्क ने ये कहते हुए अपना बचाव किया कि स्टारशील्ड की इंटरनेट की गति और इस्तेमाल की सीमाएं अमेरिकी सेना तय करती है और अंतिम अधिकार राष्ट्रपति के पास है। साथ ही स्टारलिंक का आक्रामक सैन्य अभियान के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इसे बड़ी गलती बताते हुए कहा कि इससे जान-माल का नुकसान हो सकता है। उनके सलाहकार सेरही बेस्क्रेसनोव के अनुसार, रोक स्टारशील्ड सैन्य सेवा पर लगाई गई है।
यूक्रेनी सैन्य सूत्रों का दावा है कि गति पर लगाई गई स्पीड लिमिट से ड्रोन अभियानों में दिक्कत आई। बेस्क्रेसनोव ने यह सीमा 160 किलोमीटर प्रति घंटा बताई, जबकि एक सैन्य सूत्र के मुताबिक, इससे कम गति पर भी संपर्क टूटने की खबरें मिलीं।
यूक्रेन ने इस मामले में स्पेसएक्स, अमेरिकी सरकार और नाटो से स्पष्टीकरण मांगा है। स्टारलिंक का खर्च उठाने वाले पोलैंड के विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की ने भी मस्क से पूछा कि क्या वह अपने उत्पादों के जरिये राजनीति कर रहे हैं।
इस बीच, रूस के मिसाइल और ड्रोन हमलों में यूक्रेन के ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया गया। जेलेंस्की के मुताबिक, ऊर्जा से जुड़े 30 ठिकाने क्षतिग्रस्त हुए और करीब छह लाख लोग बिजली से वंचित हो गए। कीव में दो लोगों की मौत हुई और 21 घायल हुए, जबकि पश्चिमी शहर लुत्स्क में छह लोगों की जान गई।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने रूसी ड्रोनों को निशाना बनाने के लिए लगभग छह करोड़ डालर की मिसाइलें देने की योजना बताई है। इसमें करीब एक करोड़ डालर की खेप तत्काल जरूरत के चलते जल्दी भेजी जाएगी।
अमेरिकी खुफिया जानकारी साझा करना रोकने की धमकी संबंधी खबरों के बीच ट्रंप ने कहा कि वाशिंगटन अब भी यूक्रेन के साथ जानकारी साझा कर रहा है।
एएनआइ के अनुसार, यूक्रेन की शिकायत पर कांग्रेसवुमन प्रमिला जयपाल ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पहले ट्रंप ने यूक्रेन में नया राष्ट्रपति लाने की बात की। उसके बाद स्टारलिंग प्रकरण सामने आ गया।
ट्रंप को स्थिति साफ करनी चाहिए। उधर, विदेश मामलों के विशेषज्ञ रोबिंदर सचदेवा ने मस्क के स्टारलिंक को भारत में मंजूरी न दिए जाने के सरकार के फैसले की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस मामले में फूंक-फूंककर कदम रखने की जरूरत है।
