बेंगलुरु, जेएनएन। आध्यात्मिक शिक्षक श्री श्री रविशंकर ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस नवरात्रि पर घर में हें और देवी मां का स्वागत करें।  श्री श्री रविशंकर ने ट्वीट किया, "हर वर्ष आप नवरात्रि पर मंदिरों और आश्रमों में जाते रहे हैं, किंतु इस वर्ष देवी माँ आपके घर आ रही हैं, इसलिए घर पर रहें और उत्सव मनाएं। न स्वयं निराश हों और न देवी को निराश करें।"

गौरतलब है कि कोरोना के रफ्तार घटने के बाद भी लोगों को कोरोना से सचेत किया जा रहा है। यही कारण है कि कई जगहों पर मां दुर्गा की मूर्ति लगाने के लिए पंडाल लगाने की अनुमति नहीं मिली है। कुछ जगहों पर पंडाल नहीं लगाया जा रहा है।

कोरोना महामारी के दौर में नवरात्रि का व्रत शुरू हो चुका है। बड़ी संख्या में लोग मां दुर्गा के लिए उपवास रख रहे हैं, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि महामारी को देखते हुए उपवास रखना खतरनाक हो सकता है। इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्‍युनिटी) पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। खासकर पहले से ही गंभीर रोगों से ग्रस्त लोगों और गर्भवती महिलाओं को तो डॉक्टर उपवास से बचने की सलाह दे रहे हैं।

डॉक्टरों की मानें तो अधिक जोखिम वाले क्षेत्रों से जुड़े लोगों और हाल फिलहाल कोरोना संक्रमण से उबरने वाले मरीजों के लिए उपवास ठीक नहीं रहेगा। इसी तरह गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए नवरात्रि या करवा चौथ का व्रत नहीं रखना चाहिए।

भारत में अबतक कोरोना वायरस के कुल 75,97,064 मामले सामने आ चुके हैं जिनमें 7,48,538 ऐक्टिव केस हैं जबकि 67,33,329 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। हालांकि, देश में कोरोना की रफ्तार घट रही है | बीते 24 घंटे में कोरोना वायरस के 46,791 नए केस सामने आए हैं और 587 मौतें हो चुकी हैं|

जीतेगा भारत हारेगा कोरोन

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