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आसमान में हो सकता है चक्‍का जाम, 2030 तक Flight Delay की समस्‍या हो जाएगी विकराल; पढ़ें एक्‍सपर्ट की चेतावनी

Published: Thu, 12 Feb 2026 02:17 PM (IST)Updated: Thu, 12 Feb 2026 07:39 PM (IST)

Flight Delay Reason : वर्तमान में उड़ानें खराब मौसम या तकनीकी खराबी से बाधित होती हैं, लेकिन भविष्य में उड़ानों ...और पढ़ें

सावधान! रॉकेट का मलबा रोक सकता है आपकी फ्लाइट; स्पेसएक्स और चीनी रॉकेट की घटनाओं के बाद नया अलर्ट जारी। फोटो- एआई, ग्राफिक्‍स- अमन सिंह।

सावधान! रॉकेट का मलबा रोक सकता है आपकी फ्लाइट; स्पेसएक्स और चीनी रॉकेट की घटनाओं के बाद नया अलर्ट जारी। फोटो- एआई, ग्राफिक्‍स- अमन सिंह।

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समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्‍क, नई दिल्‍ली। वर्तमान में  खराब मौसम, तकनीकी खराबी या औद्योगिक हड़ताल के कारण उड़ानें अक्सर विलंबित हो जाती हैं, लेकिन भविष्य में अंतरिक्ष से आने वाला मलबा भी उड़ानों में देरी के लिए एक प्रमुख वजह बन सकता है। साइंटिफिक रिपोर्ट्स के एक नए शोध में इसे लेकर चेतावनी दी गई है।

शोधकर्ताओं के अनुसार, उपग्रहों से निकलने वाला मलबा विमानों के लिए एक गंभीर खतरा बनता जा रहा है।

flight

समस्या से बचने के लिए क्या करना होगा?

शोध के अनुसार, अनियंत्रित रॉकेट के पुनः प्रवेश (जब कोई खराबी वाला उपग्रह अनियोजित रूप से पृथ्वी पर वापस आ गिरता है) की वार्षिक संभावना 26 प्रतिशत है। हालांकि, इस आंकड़े का यह अर्थ नहीं है कि विमान मलबे के संपर्क में आएंगे। बल्कि, यह विमानों द्वारा उपयोग किए जाने वाले हवाई क्षेत्र से गुजरते हुए रॉकेट की संभावना को दर्शाता है।

इसका अर्थ यह होगा कि क्षेत्र का प्रबंधन करने वाले अधिकारियों को सुरक्षा उपाय के रूप में यात्री विमानों के लिए मार्ग बंद करना पड़ सकता है। अब तक अंतरिक्ष मलबे के यात्री विमान से टकराने की घटना सामने नहीं आई है लेकिन, अगर एहतियाती तौर पर भी हवाई मार्ग बंद करना पड़े तो यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच सकती है।

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विमानों और उपग्रहों की संख्या में तेज वृद्धि

ग्लोबल कनेक्टिविटी की बढ़ती मांग के कारण उपग्रह प्रक्षेपणों में तेजी से वृद्धि हो रही है। अनुमानों के अनुसार, साल 2030 तक 58,000 से 70,000 उपग्रहों को लॉन्च किया जा सकता है। वहीं 2050 तक वैश्विक हवाई यातायात में प्रति वर्ष औसतन लगभग 35 से 4.2 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है।

जैसे-जैसे उपग्रहों का प्रक्षेपण बढ़ रहा है और वाणिज्यिक उड़ानों की संख्या में वृद्धि हो रही है, वैसे-वैसे समस्या पैदा करने वाले अंतरिक्ष मलबों को लेकर संभावना भी बदल रही है।

Space junk

क्या पहले भी मलबे की वजह से उड़ानों में हुई देरी?

जनवरी, 2025 में स्पेसएक्स रॉकेट के पुनः प्रवेश से संभावित रूप से मलबा गिरने की चेतावनी के कारण क्वांटास एयरलाइंस ने ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच कई उड़ानों का समय बदला गया था। इससे कई उड़ानें छह घंटे तक की देरी से संचालित की गई थी।

दिसंबर, 2025 में लॉन्च किया गया चीनी रॉकेट में झुके - 3 दक्षिण प्रशांत महासागर गिर गया था, जिसके बाद ब्रिटेन मैं मलबा गिरने की आशंका को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया था। 2022 में स्पेन और फ्रांस के कुछ हिस्सों के हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया गया था, क्योंकि उस क्षेत्र में रॉकेट का मलबा गिरने की आशंका जताई गई थी। इससे सैकड़ों उड़ानें डिले हुई थीं। 

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