नई दिल्ली। चीन से निकले कोरोनावायरस ने पूरी दुनिया की तमाम व्यवस्थाओं को अस्त-व्यस्त कर दिया। करोड़ों लोग इस संक्रमण का शिकार हुए और लाखों लोगों की मौत हो चुकी है। देश इस वायरस से अपने को बचाने के लिए तमाम तरह के उपाय कर रहे हैं।

टीके की खोज के लिए दुनियाभर के वैज्ञानिक लगे हुए हैं मगर अभी तक कोई कारगर टीका सामने नहीं आ सका है। यदि कोई देश टीका बना भी लेता है तो उसे देश-दुनिया के हर नागरिक तक पहुंचने में भी कुछ साल अवश्य लग जाएंगे। इस बीच देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी

अब तक 6 बार देश के नागरिकों को संबोधित कर चुके हैं। उनके संबोधन में हर बार देश के नागरिकों का उत्साह बढ़ाए रखने और आत्मनिर्भर बनने, कोरोना से लड़ने के उपाय बताने पर ही केंद्रित रहा है।

कोरोना काल में पहला भाषण: जनता कर्फ्यू 

19 मार्च 2020 को रात 8 बजे पीएम मोदी कोरोना वायरस को लेकर देशवासियों को संबोधित किया। उन्होंने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए रविवार को जनता कर्फ्यू का आवाहन किया। साथ ही उन्होंने कहा कि 22 मार्च को शाम पांच बजे, पांच मिनट तक तक उन सभी लोगों का ताली बजाकर धन्यवाद अर्पित करें, जो खतरा उठाकर आवश्यक कामों में लगे हैं।

कोरोना काल में दूसरा भाषण : 21 दिनों का लॉकडाउन 

24 मार्च को जब प्रधानमंत्री मोदी ने देश को संबोधित किया तो उन्होंने कोरोना से मुकाबले के लिए देशवासियों से कुछ समय मांगा। रात 8 बजे अपने संबोधन में उन्होंने पूरे देश को 21 दिनों के लिए लॉकडाउन करने की घोषणा की।

कोरोना काल में तीसरा भाषण : मांगे नौ मिनट 

कोरोना काल के दौरान प्रधानमंत्री ने 3 अप्रैल को तीसरी बार देशवासियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने लोगों से पांच अप्रैल को रात नौ बजे नौ मिनट के लिए घर की लाइट बुझाकर छत पर या बालकनी में दीये जलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि हम प्रकाश की ताकत से कोरोना के अंधकार को मिलकर मात देंगे।

कोरोना काल में चौथा भाषण : लॉकडाउन 3 मई तक बढ़ाया 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल को राष्ट्र को संबोधित किया। इस संबोधन में उन्होंने कोरोना के खिलाफ जंग में कदम आगे बढ़ाते हुए लॉकडाउन की अवधि बढ़ाकर 3 मई कर दी।

कोरोना काल में पांचवा भाषण : आर्थिक पैकेज की घोषणा 

प्रधानमंत्री मोदी ने 12 मई को 5 वीं बार राष्ट्र को संबोधित किया। इस संबोधन में पीएम मोदी ने देश को कोरोना संकट से बाहर निकालने के लिए 20 लाख करोड़ रुपए के एक बड़े आर्थिक पैकेज की घोषणा की।

कोरोना काल में छठवां भाषण : नवंबर तक गरीब जनता को मुफ्त राशन 

प्रधानमंत्री ने अपने छठवें भाषण में कहा कि अगर कोरोना से होने वाली मृत्यु दर को देखें तो दुनिया के अनेक देशों की तुलना में भारत संभली हुई स्थिति में है। समय पर किए गए लॉकडाउन और अन्य फैसलों ने भारत में लाखों लोगों का जीवन बचाया है। जब से देश में Unlock-One हुआ है, व्यक्तिगत और सामाजिक व्यवहार में लापरवाही भी बढ़ती ही चली जा रही है। पहले हम मास्क को लेकर, दो गज की दूरी को लेकर, 20 सेकेंड तक दिन में कई बार हाथ धोने को लेकर बहुत सतर्क थे।

लॉकडाउन के दौरान बहुत गंभीरता से नियमों का पालन किया गया था। अब सरकारों को, स्थानीय निकाय की संस्थाओं को, देश के नागरिकों को, फिर से उसी तरह की सतर्कता दिखाने की जरूरत है। विशेषकर कन्टेनमेंट जोंस पर हमें बहुत ध्यान देना होगा। जो भी लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे, हमें उन्हें टोकना होगा, रोकना होगा और समझाना भी होगा।

लॉकडाउन के दौरान देश की सर्वोच्च प्राथमिकता रही कि ऐसी स्थिति न आए कि किसी गरीब के घर में चूल्हा न जले। केंद्र सरकार हो, राज्य सरकारें हों, सिविल सोसायटी के लोग हों, सभी ने पूरा प्रयास किया कि इतने बड़े देश में हमारा कोई गरीब भाई-बहन भूखा न सोए।  

एक और बड़ी बात है जिसने दुनिया को भी हैरान किया है, आश्चर्य में डुबो दिया है। वो ये कि कोरोना से लड़ते हुए भारत में, 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को 3 महीने का राशन, यानि परिवार के हर सदस्य को 5 किलो गेहूं या चावल मुफ्त दिया गया। 

त्योहारों का ये समय, जरूरतें भी बढ़ाता है, खर्चे भी बढ़ाता है। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए ये फैसला लिया गया है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का विस्तार अब दीवाली और छठ पूजा तक, यानि नवंबर महीने के आखिर तक कर दिया जाए। 

Posted By: Vinay Tiwari

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