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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला : गणना कर्मियों की तलाशी के नियम क्यों किए गए थे कमजोर? पूरी रिपोर्ट

By Mala DixitEdited By: Sakshi Gupta
Published: Tue, 07 Jul 2026 08:30 PM (IST)

SIT की अंतरिम रिपोर्ट में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गणना कर्मियों की तलाशी के नियम शिथिल करने का खुलासा हुआ है।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT की अंतरिम रिपोर्ट में कई खुलासे

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT की अंतरिम रिपोर्ट में कई खुलासे

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माला दीक्षित, जागरण। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गणना कर्मचारियों ने लगातार चोरी की और इसकी सहूलियत उन्हें कैसे मिली इसकी पोल एसआइटी की अंतरिम रिपोर्ट में खुलती है। रिपोर्ट बताती है कि गणना कर्मियों की तलाशी के नियम शिथिल किये गए थे।

20 सिंतंबर 2024 को गणना कक्ष में आने जाने वाले व्यक्तियों के संबंध में निर्धारित व्यवस्था को, छह फरवरी 2025 को जारी एसओपी में तलाशी के प्रविधान को नियमित/ औचक (रेंडम) रूप में कराए जाने से, इस व्यवस्था को शिथिल किया गया।

इतना ही नहीं एसआइटी ने इसके पीछे के कारण और मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा है कि ट्रस्ट पदाधिकारियों द्वारा यह संशोधन किन परिस्थितियों में किया गया, यह गहन जांच एवं चिंतन का विषय है।

रिपोर्ट यहां तक कहती है कि शिथिल प्रविधान के तहत भी नियमित अंतराल में अथवा औचक तलाशी भी नहीं होना प्रकाश में आया है।

जांच में पाया गया कि उपर्युक्त सुरक्षा उपायों का वास्तविक अनुपालन नहीं हुआ। रिपोर्ट कहती है कि यह केवल तकनीकी या प्रक्रियात्मक त्रुटि नहीं थी, बल्कि जानबूझकर की गई लापरवाही थी, जिससे चोरी और गबन की परिस्थितियां बनी।

SIT की अंतरिम रिपोर्ट में कई खुलासे

एसआइटी की अंतरिम रिपोर्ट में कहा गया है कि रामजन्मभूमि मंदिर परिसर की सुरक्षा के लिए ट्रस्ट ने प्राइवेट संस्था एसआइएस के साथ अनुबंध किया है।

गणना कक्ष प्रवेश द्वार के ठीक बाहर एक एसआइएस कर्मी तैनात भी रहता है। एसआइटी का कहना है कि गणना प्रक्रिया की निगरानी करना ट्रस्ट के प्रमुख उत्तरदायित्वों में से था ताकि गणना प्रक्रिया की पारदर्शिता एवं प्रामाणिकता बनी रहे।

ट्रस्ट और भारतीय स्टेट बैंक के बीच फरवरी 2024 को हुए एमओयू के बिंदु संख्या 2बी में कहा गया था कि राम जन्मभूमि ट्रस्ट सुनिश्चित करेगा कि उसके परिसर में जहां से बैंक, नोटों की छटनी व गिनती करेगा वहां उचित सुरक्षा उपाय हों। उसमें आगे यह भी कहा गया है कि स्ट्रांग बाक्स, तिजोरी को कड़ी सुरक्षा में रखना केवल राम जन्मभूमि ट्रस्ट की जिम्मेदारी होगी।

रिपोर्ट कहती है कि ऐसी परिस्थिति एवं प्रविधानों के रहते हुए ट्रस्ट के कर्मचारियों/पदाधिकारियों का उत्तरदायित्व था कि गणना कर्मियों की ट्रस्ट द्वारा अनुबंधित संस्था एसआइएस द्वारा उपलब्ध कराए गए सुरक्षा कर्मी के जरिए गणना कक्ष में प्रवेश व निकासी के समय सघन तलाशी कराते।

यहां यह भी ध्यान देने योग्य है कि ट्रस्ट एवं बैंक द्वारा संयुक्त रूप से निर्धारित दिशा-निर्देशों को छह फरवरी 2025 में तलाशी संबंधी दिशा-निर्देशों को शिथिल कर दिया गया था।

रिपोर्ट कहती है कि जहां पूर्व में सहमति बनी थी कि गणना कक्ष में आने-जाने वाले सभी व्यक्तियों की गार्ड द्वारा जांच की जाएगी, इस प्रविधान को शिथिल करते हुए नियमित/औचक रूप से तलाशी को जोड़ दिया गया। प्रकाश में आया कि गणना कर्मी निर्धारित वेषभूषा में गणना कक्ष में नहीं आ रहे थे।

कर्मचारियों/पदाधिकारियों द्वारा इसका संज्ञान नहीं लिया गया और गणना कर्मचारियों का निर्धारित वेशभूषा में न आना चोरी, गबन में सहायक सिद्ध हुआ। इस गंभीर चूक के लिए गणना प्रबंधन प्रक्रिया में क्रियान्वयन, पर्यवेक्षण एवं निगरानी का दायित्व निभाने वाले सभी ट्रस्ट कर्मचारी/पदाधिकारी उत्तरदायी हैं।

एसआइटी ने बताया है कि जांच में स्पष्ट हुआ है कि चोरी निम्नलिखित सुरक्षा उपायों के अनुपालन न होने के कारण संभव हुई।

  • प्रवेश व निर्गमन पर तलाशी नहीं ली गई
  • निर्धारित जेब रहित वेशभूषा का प्रतिबंध लागू नहीं किया गया
  • निजी वस्तुएं साथ रखने पर प्रतिबंध लागू नहीं हुआ
  • हुंडीवार गणना नहीं की गई
  • विभिन्न हुंडियों की राशि मिश्रित की गई
  • मुल्यवर्गवार अभिलेख, वाउचर एवं प्रमाणपत्र तैयार नहीं किये गए
  • बायोमीट्रिक उपस्थिति प्रभावी रूप से लागू नहीं की गई
  • गणना कक्ष में खाद्य पदार्थ एवं पेय पदार्थों पर प्रतिबंध का पालन नहीं हुआ
  • सीसीटीवी निगरानी का उपयोग निवारक उपाय के रूप में नहीं किया गया

उपरोक्त कमियों के संयुक्त प्रभाव से गणना कर्मियों द्वारा धनराशि बार बार बाहर ले जाना संभव हुआ।

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