दिल्ली-महाराष्ट्र और कर्नाटक समेत पांच राज्यों में SIR शुरू, किन-किन बातों का रखें ध्यान?
चुनाव आयोग का 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) अभियान दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक, मेघालय और झारखंड में 30 जून से शुरू हो गया है।
-1782819918906_m.webp)
पांच राज्यों में शुरू हुआ चुनाव आयोग का वोटर वेरिफिकेशन अभियान (फोटो-पीटीआई)
HighLights
चुनाव आयोग का SIR अभियान 30 जून से शुरू।
BLO घर-घर जाकर वोटर लिस्ट का सत्यापन करेंगे।
5 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होगी।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। चुनाव आयोग का वोटर वेरिफिकेशन अभियान, जिसे 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) कहा जाता है, आज मंगलवार 30 जून से दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक, मेघालय और झारखंड में शुरू हो गया है।
SIR के तहत बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) वोटर लिस्ट (इलेक्टोरल रोल) वेरिफाई करने के लिए घर-घर जाकर लोगों से मिल रहे हैं।
राज्यों में क्यों हो रहा SIR?
SIR की प्रक्रिया अगले एक महीने तक चलने वाली है। इस अभियान के दौरान BLO, 30 जून से 29 जुलाई के बीच हर घर जाएंगे और मौजूदा वोटर्स को एन्यूमरेशन फॉर्म देंगे और उनसे भरे हुए फॉर्म इकट्ठा करेंगे।
अभियान के तहत इस वेरिफिकेशन का मकसद यह पक्का करना है कि वोटर लिस्ट में सिर्फ योग्य नागरिक ही रहें और अयोग्य लोगों के नाम हटा दिए जाएं।
वेरिफिकेशन प्रोसेस के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 5 अगस्त को जारी की जाएगी। इसके बाद दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का समय दिया जाएगा और फिर 7 अक्टूबर को फाइनल वोटर लिस्ट जारी की जाएगी।
किन-किन बातों का रखें ध्यान?
- जब बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) आपके घर आएं तो आपको एन्यूमरेशन फॉर्म भरना चाहिए, एक कॉपी BLO को वापस देनी चाहिए और एक एक्नॉलेजमेंट लेनी चाहिए, जिससे आपके पास फॉर्म भरने का प्रूफ हो।
- अगर आपका घर बंद है, तो BLO एन्यूमरेशन फॉर्म वहीं छोड़ देंगे और भरा हुआ फॉर्म लेने के लिए कम से कम तीन बार आएंगे।
- दिल्ली के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर (CEO) ने साफ तौर पर बताया है कि एन्यूमरेशन फॉर्म के साथ कोई डॉक्यूमेंट जमा करने की जरूरत नहीं है।
- अगर आपकी शादी हो गई है और पिछली SIR में नाम भी नहीं है, तब आप अपने माता-पिता या दादा-दादी (अपने मायके/पैतृक परिवार) की जानकारी दे सकते हैं, ससुराल वालों की नहीं।
क्या ऑनलाइन भरा जा सकता है फॉर्म?
एन्यूमरेशन फॉर्म चुनाव आयोग के वोटर पोर्टल के जरिए ऑनलाइन भी भरा जा सकता है। एन्यूमरेशन फॉर्म भरते समय, मौजूदा वोटर्स को पिछली 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) से जुड़ी जानकारी देनी होगी।
आप पुरानी वोटर लिस्ट से डिटेल जानने के लिए EPIC (वोटर ID) नंबर, अपना नाम या अपने पोलिंग स्टेशन से जानकारी हासिल कर सकते हैं।
न तो आपका नाम वोटर लिस्ट में हो और न माता-पिता का नाम, तब क्या करें?
आप एन्यूमरेशन फॉर्म में उनके नाम लिखवा सकते हैं। बाद में आपसे आपकी बात को सत्यापित करने के लिए सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट्स (सहायक दस्तावेज) देने के लिए कहा जा सकता है।
वोटर लिस्ट में नाम गलत होने पर करें शिकायत
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 5 अगस्त को पब्लिश की जाएगी। अगर आपको कोई गलती या कमी मिलती है, तो आप 5 अगस्त से 4 सितंबर के बीच दावा या आपत्ति दर्ज कर सकते हैं।
आप वोटर हेल्पलाइन 1950 पर कॉल कर सकते हैं, 'बुक-अ-कॉल' सुविधा के जरिए अपने BLO से संपर्क कर सकते हैं या अपने नजदीकी वोटर सेंटर या जिला चुनाव कार्यालय जाकर भी शिकायत कर सकते हैं।
यह भी पढ़ें- चुनाव आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे 23 विपक्षी दल, CJI सूर्यकांत को लिखा संयुक्त पत्र
