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सिक्किम की पारंपरिक सिरी गाय के दूध से बनेगा मक्खन, याक पालकों के लिए लोन स्कीम शुरू

Published: Thu, 29 Oct 2026 10:50 PM (IST)

सिक्किम में स्वदेशी सिरी गाय के दूध से मक्खन बनाने की पहल शुरू हुई है, जिसका उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और पारंपरिक पशुधन को बढ़ावा देना है।

सिक्किम की सिरी गाय के दूध से बनेगा मक्खन

सिक्किम की सिरी गाय के दूध से बनेगा मक्खन

HighLights

  1. सिरी गाय के दूध से मक्खन बनाने की पहल।

  2. किसानों की आय बढ़ाने और पशुधन प्रोत्साहन।

  3. याक पालकों के लिए ऋण योजना भी शुरू।

जागरण संवाददाता, गंगटोक। सिक्किम की स्वदेशी सिरी गाय के दूध से तैयार मक्खन जल्द बाजार में उपलब्ध हो सकता है। राज्य में पारंपरिक पशुधन को प्रोत्साहित करने और किसानों के लिए आय के नए अवसर विकसित करने के उद्देश्य से यह पहल शुरू की गई है। सिक्किम पशुधन विकास बोर्ड ने राज्य के पशुपालन एवं पशुधन विभाग के सहयोग से इस उत्पाद को विकसित किया है।

बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. प्रतीक कश्यप के अनुसार मक्खन तैयार करने में इस्तेमाल किए गए दूध के नमूनों की प्रयोगशाला में जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में दूध को ए2 प्रकार का बताया गया। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल यह शुरुआती चरण में है और इसे व्यावसायिक रूप से बाजार में उतारने की तैयारी चल रही है।

सिरी गाय सिक्किम की पारंपरिक पशुधन नस्ल है। पहाड़ी क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुकूल इस नस्ल को स्थानीय किसान लंबे समय से पालते आ रहे हैं। इसके दूध से मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार करने की पहल का उद्देश्य पशुपालन को आर्थिक रूप से अधिक लाभकारी बनाना है।

उन्होंने कहा कि स्थानीय दूध से मक्खन तैयार कर बाजार में उतारने से स्वदेशी पशुधन से जुड़े उत्पादों को व्यावसायिक पहचान मिलने की उम्मीद है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के लिए अतिरिक्त आय के अवसर भी विकसित होंगे।

याक पालकों के लिए भी ऋण योजना

सिरी गाय के दूध से मक्खन तैयार करने के साथ याक पालकों के लिए ऋण योजना शुरू करने की पहल भी की गई है। इन दोनों योजनाओं को केंद्र सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सहयोग से आगे बढ़ाया जा रहा है। इनका उद्देश्य पारंपरिक पशुपालन को प्रोत्साहन देना और स्थानीय पशुधन से जुड़े लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत करना है।

डॉक्टर कश्यप ने कहा कि सरकार ऐसी योजनाओं पर काम कर रही है, जिनका लाभ ग्रामीण क्षेत्रों और किसानों तक पहुंचे। उन्होंने किसानों के हित में काम करने की प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि विकास योजनाओं के माध्यम से गांवों में आर्थिक लाभ पहुंचाना जरूरी है।

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