सिक्किम जाने विदेशी पर्यटकों को मिलेगी राहत, अब ऑफलाइन भी बनेगा इनर लाइन परमिट
सिक्किम सरकार ने विदेशी पर्यटकों के लिए इनर लाइन परमिट (ILP) प्रक्रिया को आसान बनाया है।

पूर्वी सिक्किम के पर्यटक गंतव्यों में से एक छांगू झील (जागरण)
HighLights
विदेशी पर्यटकों के लिए ILP प्रक्रिया हुई आसान।
वैध पासपोर्ट-वीजा पर मिलेगा ऑफलाइन परमिट।
गंगटोक में खुलेगा नया एफआरआरओ कार्यालय।
जागरण ब्यूरो, गंगटोक। सिक्किम घूमने आने वाले विदेशी पर्यटकों के लिए परमिट प्राप्त करने की प्रक्रिया आसान बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने पहल की है। अब वैध पासपोर्ट और वीजा रखने वाले विदेशी नागरिकों को अगले आदेश तक आफलाइन माध्यम से इनर लाइन परमिट (आईएलपी) जारी किए जाएंगे।
इससे उन पर्यटकों को राहत मिलने की उम्मीद है जिन्हें ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया में परेशानी का सामना करना पड़ता है। विशेष रूप से बिना पूर्व अनुमति के बागडोगरा हवाई अड्डे पहुंचने वाले विदेशी पर्यटक और उनके लिए यात्रा की व्यवस्था करने वाले टूर आपरेटरों को इस फैसले से लाभ हो सकता है।
ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ सिक्किम (टीएएएस) के प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्य सचिव की बैठक के बाद यह पहल सामने आई है। एसोसिएशन के अध्यक्ष फुंपी भूटिया के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने विदेशी पर्यटकों के परमिट बनवाने में आ रही दिक्कतों से मुख्य सचिव को अवगत कराया था। इसके बाद मुख्य सचिव ने पर्यटन विभाग के सचिव को वैध वीजा रखने वाले विदेशी नागरिकों के लिए ऑफलाइन परमिट जारी करने की व्यवस्था सुगम बनाने का निर्देश दिया।
टीएएएस ने अपने सदस्यों को भेजे गए संदेश में भी स्पष्ट किया है कि अगले आदेश तक वैध पासपोर्ट और वीजा के आधार पर परमिट जारी किए जाएंगे। हालांकि, यह व्यवस्था किन-किन श्रेणियों के विदेशी पर्यटकों पर लागू होगी और इसके लिए किन दस्तावेजों की आवश्यकता होगी, इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक दिशा-निर्देश सामने आना बाकी है।
गंगटोक में खुलेगा एफआरआरओ कार्यालय
परमिट प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए गंगटोक में विदेशी नागरिक क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) स्थापित करने की तैयारी भी चल रही है। मुख्य सचिव ने टीएएएस के प्रतिनिधिमंडल को इसकी जानकारी दी।
कार्यालय शुरू होने से विदेशी नागरिकों के पंजीकरण और परमिट संबंधी कार्यों में सुविधा मिलने की उम्मीद है। इससे पर्यटकों को आवश्यक औपचारिकताओं के लिए अलग-अलग स्तरों पर संपर्क करने की परेशानी भी कम हो सकती है।
दरअसल सिक्किम में विदेशी पर्यटकों के प्रवेश और भ्रमण के लिए निर्धारित अनुमति प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है। इसके लिए ई-एफआरआरओ पोर्टल पर आवेदन, संरक्षित क्षेत्र परमिट (पीएपी) और प्रतिबंधित क्षेत्र परमिट (आरएपी) की जरूरत को लेकर स्पष्ट जानकारी तथा समय पर स्वीकृति मिलना महत्वपूर्ण है।
टीएएएस के अनुसार इन प्रक्रियाओं में अस्पष्टता और ऑनलाइन आवेदन में आ रही समस्याओं के कारण टूर ऑपरेटरों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
टीएएएस ने मुख्य सचिव को भेजे पत्र में ई-एफआरआरओ पोर्टल की समस्याओं के साथ पीएपी और आरएपी की अनिवार्यता को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की थी।
एसोसिएशन ने यह मुद्दा भी उठाया था कि कई विदेशी पर्यटक पूर्व अनुमति की स्वीकृति के बिना बागडोगरा हवाई अड्डे पहुंच जाते हैं, जिससे उनकी आगे की यात्रा प्रभावित होती है।
एसोसिएशन ने ऑफलाइन आवेदन की सुविधा देने, पंजीकृत टूर ऑपरेटरों के माध्यम से अग्रिम आवेदन स्वीकार करने और विदेशी पर्यटकों के लिए परमिट संबंधी नियमों को स्पष्ट करने वाला आधिकारिक परिपत्र जारी करने का सुझाव दिया था।
मुख्य सचिव की पहल का स्वागत करते हुए टीएएएस ने उम्मीद जताई है कि इन कदमों से परमिट जारी करने की प्रक्रिया अधिक सुगम होगी और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों की व्यावहारिक समस्याओं का समाधान निकलेगा।
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