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‘सिलिंडर नहीं मिल रहा तो लें पाइप गैस का कनेक्शन’, एलपीजी संकट के बीच सरकार की अपील

Published: Fri, 13 Mar 2026 10:03 PM (IST)

पश्चिम एशिया में तनाव के बीच सरकार ने दुकानदारों, होटलों और आवासीय इकाइयों से पीएनजी कनेक्शन लेने की अपील की है ताकि एलपीजी सिलेंडरों पर दबाव कम हो।

अगर उपलब्ध हो तो पीएनजी कनेक्शन लें सरकार का सुझाव (फाइल फोटो)

अगर उपलब्ध हो तो पीएनजी कनेक्शन लें सरकार का सुझाव (फाइल फोटो)

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण एलपीजी उपलब्धता को लेकर खड़े संशय के बीच हुए सरकार ने दुकानदारों, होटलों और रेस्टोरेंट से अपील की है कि अगर उनके आसपास पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की सुविधा उपलब्ध है तो वे तुरंत उसका कनेक्शन ले लें।

देश में नहीं है LPG की किल्लत

सरकार का मानना है कि इससे एलपीजी सिलेंडरों पर दबाव कम होगा और घरेलू उपभोक्ताओं को नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। इसके साथ ही आवासीय इकाइयों को भी सलाह दी गई है कि घर के पास पीएनजी कनेक्शन की सुविधा है तो उसे तुरंत लगवा लें।

इसके साथ ही सरकार की तरफ से आम जनता को आश्वस्त किया गया है कि देश में एलपीजी की किल्लत वाली कोई बात नहीं है लेकिन घबड़ाहट में जिस तरह से बुकिंग कराई जा रही है उससे समस्या पैदा हो रही है। कुछ ही दिनों मे रोजाना बु¨कग कराने वालों की संख्या करीब 20 फीसद बढ़ी है, जिसकी कोई जरूरत नहीं है।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने पश्चिम एशिया के हालात पर रोजाना होने वाली ब्रीफिंग में बताया कि देश में फिलहाल करीब 1.5 करोड़ पीएनजी कनेक्शन हैं। इसके अलावा 60 लाख ऐसी आवासीय इकाइयों में हैं। जिन घरों के आसपास पीएनजी नेटवर्क उपलब्ध है, उन्हें भी एलपीजी के बजाय पीएनजी अपनाना चाहिए।

LPG की मांग में हुई वृद्धि

सिटी गैस वितरक एजेंसियों को कहा गया है कि वो पीएनजी कनेक्शन देने में तेजी दिखाएं। वाणिज्यिक इकाइयों को पीएनजी कनेक्शन देने की राह आसान करने के लिए राजमार्ग प्राधिकरण या राज्य सरकारों की एजेंसियों को तत्काल मंजूरी देने का निर्देश दिया गया है।

सरकार का कहना है कि हाल के दिनों में एलपीजी की मांग में अचानक वृद्धि देखी गई है। जहां सामान्य दिनों में रोजाना औसतन लगभग 55.7 लाख सिलेंडरों की बुकिंग होती थी, वहीं गुरुवार को यह बढ़कर करीब 76 लाख तक पहुंच गई। इसके बावजूद सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां रोजाना करीब 50 लाख एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति कर रही हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि पश्चिम एशिया में तनाव शुरू होने के बाद से देश की तेल रिफाइनरियों ने एलपीजी उत्पादन 30 फीसद तक बढ़ा दिया है। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक एलपीजी की बुकिंग कराने को लेकर मची अफरा-तफरी की वजह से बाजार में ब्लैकमार्केटिंग करने वालों या जमाखोरी करने वालों के सक्रिय होने की संभावना को खत्म करने के लिए भी सरकार सक्रिया है।

राज्यों और जिला प्रशासन को सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। कई जगहों पर ऐसी गतिविधियों के मामले सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर कार्रवाई शुरू की गई है। हर जिले के जिला अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक के साथ विमर्श किया जा रहा है और उचित कार्रवाई की जा रही है।

कालाबाजारी रोकने के लिए कार्रवाई होगी तेज

स्थिति की समीक्षा के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय के सचिव और उपभोक्ता मामलों के विभाग के सचिव ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के सचिवों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस कर आपूर्ति की स्थिति पर चर्चा की।

राज्य सरकारों और जिला प्रशासन से कहा गया है कि पेट्रोलियम उत्पादों, खासकर एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए निगरानी और कार्रवाई तेज की जाए। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों ने भी स्थिति की समीक्षा कर जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।

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