मुंबई, एएनआइ। 2006 में हुए मुंबई आतंकी विस्फोट मामले में बरी किए गए एक स्कूल के शिक्षक वाहिद शेख ने अब एक लेखक की भूमिका निभाई हैं। उन्होंने एक किताब लिखी है जिसे बाजार में भी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। यह किताब शेख की जेल के अनुभव पर आधारित हैं।

शेख को 2006 में हुए मुंबई आतंकी विस्फोट मामले में गिरफ्तार किया गया था। लेकिन 2015 में मुकदमे के दौरान उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया गया था। अपने बरी होने के बाद, उन्होंने अपने शिक्षण पेशे को फिर से शुरू किया और कानून की पढ़ाई भी पूरी की।

मुंबई आतंकी विस्फोट मामले के बाद सामने आए वाहिद शेख अब एक बार फिर अपनी पुस्तक "बेगनाह क़ैदी," (निर्दोष कैदी) के लिए खबरों में है। यह किताब उन्होंने जेल में रहते हुए लिखी थी।

हाल ही में, दिल्ली के एक प्रकाशक ने दो भाषाओं - हिंदी और उर्दू में पुस्तक निकाली। अब तक पुस्तक की एक हजार प्रतियां पहले ही बेची जा चुकी हैं।

इस किताब लिखने के पीछे शेख ने कहा, 'मुझे उम्मीद है कि यह पुस्तक और मेरा अनुभव, अन्य निर्दोष लोगों की मदद करेंगे, जिन्हें बिना किसी कारण के जेल में बंद कर किया गया है'।

शेख ने अपनी कानून की पढ़ाई पूरी कर ली है, लेकिन एक सरकारी स्कूल में शिक्षक होने की वजह से उन्हें भारत के बार कमीशन द्वारा निर्धारित मानदंडों के अनुसार कानून का अभ्यास करने की अनुमति नहीं हैं।

Posted By: Nitin Arora