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'अभिव्यक्ति की आजादी पर चोट', रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी पर विवाद को लेकर बोले शशि थरूर

Published: Fri, 23 Oct 2026 02:16 PM (GMT+05:30)

रेहान वाड्रा की बीकानेर हाउस प्रदर्शनी से तस्वीरें हटाए जाने पर विवाद गहरा गया है, जिस पर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कड़ा विरोध जताया है।

रेहान वाड्रा के प्रदर्शनी विवाद पर शशि थरूर का रिएक्शन

रेहान वाड्रा के प्रदर्शनी विवाद पर शशि थरूर का रिएक्शन

HighLights

  1. रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी से तस्वीरें हटाने पर विवाद।

  2. शशि थरूर ने इसे 'अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला' बताया।

  3. बीकानेर हाउस ने नीति के अनुरूप न होने का कारण दिया।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली के बीकानेर हाउस में रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी 'नो आइडिया इज फाइनल (No Idea Is Final)' से कुछ तस्वीरें हटाए जाने को लेकर विवाद काफी बढ़ गया है। इस मामले में प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा को कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का समर्थन मिल रहा है। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने रेहान वाड्रा के समर्थन में पोस्ट शेयर किया है।

यह विवाद तब शुरू हुआ जब रेहान वाड्रा ने आरोप लगाया कि बीकानेर हाउस के प्रबंधन ने उनसे अपनी प्रदर्शनी के उद्घाटन से ठीक पहले वहां लगी कुछ तस्वीरों को हटाने के लिए कहा था। उनके अनुसार, इन तस्वीरों में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन की तस्वीरें और भारतीय राष्ट्रीय ध्वज की दो तस्वीरें शामिल थीं।

रेहान वाड्रा के समर्थन में शशि थरूर

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'यह कई स्तरों पर अपमान है।'

  • छवियां उन घटनाओं की हैं जो पहले ही सार्वजनिक चेतना में अंकित हो चुकी हैं और कई तस्वीरें ऐसी ही छवियों को प्रतिध्वनित करती हैं जिन्हें जनता पहले ही मीडिया और ऑनलाइन में देख चुकी है।
  • जबकि बीकानेर हाउस राजनीतिक रुख के खिलाफ नीति रखने के लिए स्वतंत्र है, एक विरोध प्रदर्शन की तस्वीरें एक घटना का चित्रण हैं और अपने आप में राजनीतिक नहीं हैं। यदि मामला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मुद्दे के रूप में अदालत में लाया जाता तो वे लगभग निश्चित रूप से पारित हो गए होते।
  • सबसे बुरी बात यह है कि इस सेंसरशिप ने स्वतंत्रता-प्रेमी लोकतंत्र के रूप में भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा के ताबूत में एक और कील ठोंक दी है।

थरूर ने यह भी कहा कि इस विवाद की वजह से रेहान वाड्रा के फोटोग्राफी के काम पर लोगों का काफी ध्यान गया है। इससे उनका काम उन लोगों तक भी पहुंच गया है, जो शायद प्रदर्शनी में नहीं जाते।

शशि थरूर ने आगे लिखा, 'वैसे भी, इस एपिसोड को जो प्रचार मिला है, वह प्रदर्शनी की तुलना में दिल्ली और दुनिया भर में कहीं अधिक दर्शकों तक पहुंच गया होता, अगर इसे बिना किसी बाधा के आगे बढ़ने दिया जाता। मैं फोटोग्राफिक प्रतिभाओं और करियर को उचित बढ़ावा देने के लिए भारी-भरकम अधिकारियों को धन्यवाद देता हूं।'

बीकानेर हाउस मैनेजमेंट ने तस्वीरें लगाने के लिए किया मना

बीकानेर हाउस मैनेजमेंट सोसायटी ने इस मुद्दे पर कहा कि कुछ तस्वीरें उनकी नीति के अनुरूप नहीं थीं, इसलिए उन्हें हटाने के लिए कहा गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो तस्वीरें वेन्यू के दिशा-निर्देशों के अनुसार थीं, उन्हें प्रदर्शनी में रहने दिया गया।

इस घटना ने एक राजनीतिक टकराव को जन्म दे दिया। कांग्रेस नेताओं ने इस फैसले की आलोचना करते हुए इसे कलात्मक अभिव्यक्ति का हनन बताया, जबकि भाजपा का कहना था कि प्रदर्शनियों को आयोजन स्थल के नियमों का पालन करना चाहिए।

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