'कुछ लोग अव्यवस्था का सपना देख रहे हैं', राहुल गांधी पर PM मोदी ने फिर कसा 'फेल प्रोडक्ट' वाला तंज
पीएम मोदी ने दिल्ली में एक कार्यक्रम में विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस एक परजीवी की तरह है, जो दूसरों को आगे नहीं बढ़ने देती है।

पीएम मोदी ने राहुल गांधी पर साधा निशाना।
HighLights
वैश्विक व्यवस्था बदल रही, यूएन जैसी संस्थाएं कदम नहीं मिला पा रहीं।
पीएम मोदी ने विपक्ष को 'अव्यवस्था का सपना' देखने वाला बताया।
भारत 'मत्स्य न्याय' रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पीएम मोदी गुरुवार को दिल्ली में एक निजी टीवी समाचार चैनल के कार्यक्रम में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बदलती वैश्विक व्यवस्था, अर्थव्यवस्था, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और दुनिया भर में भारत की भूमिका को लेकर अपनी बात रखी।
अमेरिका-ईरान संघर्ष की ओर इशारा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि वैश्विक व्यवस्था बदल रही है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं इसके साथ कदम मिलाने में संघर्ष कर रही है। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि व्यापार, तकनीक और समुद्री मार्गों को हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
विपक्ष पर पीएम मोदी ने साधा निशाना
विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर हमला करते हुए पीएम ने कहा कि जहां एक ओर दुनिया एक नई व्यवस्था की तलाश कर रही है, वहीं देश में कुछ ऐसे लोग भी हैं जो अव्यवस्था का सपना देख रहें हैं।
पीएम मोदी ने संबोधन के दौरान सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस कब तक एक फेल प्रोडक्ट को लॉन्च करने की कोशिश करती रहेगी।
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस एक परजीवी की तरह है, जो दूसरों को आगे नहीं बढ़ने देती। उन्होंने कहा कि सत्ता गंवाने के बाद कांग्रेस को सब कुछ इतना बुरा लगने लगा है कि अब वह उस पूरी व्यवस्था को ही नष्ट करने पर उतारू हो गई है।
चाणक्य के मत्स्य न्याय का किया जिक्र
पीएम मोदी ने प्राचीन भारतीय अर्थशास्त्री चाणक्य का जिक्र किया औ उनका एक संस्कृत मंत्र 'अप्रणीतः तु मत्स्यन्यायमुद्भावयति' का उल्लेख करते हुए समझाया, 'जब दंड देने की व्यवस्था या कानून लागू नहीं होता, तो मत्स्य न्याय पैदा होता है। यानी बड़ी मछली छोटी मछली को निगल जाती है। दुनिया को आज ऐसी स्थिति की नहीं, बल्कि एक ऐसी व्यवस्था की जरूरत है जो इस 'मत्स्य न्याय' को होने से रोके।'
पीएम मोदी ने कहा कि भारत दुनिया के सामने इसी भूमिका को मजबूती से पेश कर रहा है। कोविड 19 महामारी का उदाहरण देते हुए पीएम मोदी ने याद दिलाया कि भारत ने 100 से ज्यादा देशों को दवाइयां और जरूरतमंद राष्ट्रों को मुफ्त वैक्सीन पहुंचाकर अपनी वैश्विक प्रतिबद्धता निभाई थी।
ग्लोबल साउथ और विकसित भारत 2047
पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि बदलती दुनिया में ग्लोबल साउथ की आवाज को मुख्यधारा का हिस्सा बनाना बेहद जरूरी है। 2047 तक 'विकसित भारत' के विचार पर उन्होंने कहा कि यह सपना सिर्फ हमारे लिए नहीं है बल्कि यह एक बेहतर दुनिया के लिए भी एक गारंटी है।'
पीएम मोदी ने यह भी कहा, 'अंतरराष्ट्रीय सहयोग केवल अच्छे समय के लिए नहीं होता। इसे संकट के समय भी प्रभावी होना चाहिए। भारत दुनिया को मजबूत करने में मदद करने के लिए अपनी क्षमताओं को और मजबूत कर रहा है।'
वैश्विक व्यवस्था और UN की भूमिका पर उठाए सवाल
पीएम मोदी ने कहा कि दूसरे विश्व युद्ध ने दुनिया को एक बड़ा सबक दिया था। दुनिया ने समझा था कि सम्मान, सहयोग और विवादों का समाधान जरूरी है। इसी ने यूएन की नींव रखी। यूएन ने अपनी भूमिका निभाई, लेकिन आज की चुनौतियां पूरी तरह बदल चुकी हैं।
पीएम ने कहा कि यूएन के सामने आज की चुनौतियां साफ दिखाई देती हैं क्योंकि जब दुनिया की समस्याएं बदल जाएं और उनके समाधान का तरीका न बदले तो व्यवस्था में दूरियां दिखाई देने लगती हैं। और आज वही हो रहा है।
आज ट्रेड वेपनाइजेशन का माध्यम बन रहा है, सी रूट आज जियोपॉलिटिकल टेंशन का केंद्र बन रहे हैं। इसलिए चुनौती ये है कि नई वास्तविकताओं को जगह कैसे मिले।
क्रेडिट- समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ।
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