नई दिल्ली, एएनआइ।  पूर्वी लद्दाख ( Eastern Ladakh) के चुशूल (Chushul) में सोमवार दोपहर 12 बजे से भारत और चीन के कमांडरों के बीच वार्ता शुरू हो गई है। बता दें कि इस साल अप्रैल-मई से ही दोनों देशों की लगभग 50,000 सैनिक इस क्षेत्र में आमने-सामने डटे हुए हैं।

भारत की ओर से प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व 14 कार्प्स चीफ लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह (14 Corps Chief Lt Gen Harinder Singh) और उनके बाद इस पद पर नियुक्त होने वाले लेफ्टिनेंट जनरल पीजीके मेनन ( Lt Gen PGK Menon)  कर रहे हैं। आज होने वाली वार्ता में भी भारत अपनी पहले वाली मांग पर ही अडिग रहेगा। पूर्वी लद्दाख से पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के सैनिकों  को हटाने की मांग आज होने वाली वार्ता में भी भारत की ओर से रखा जाएगा। आज होने वाली वार्ता की रणनीति तैयार करने के लिए शुक्रवार को यहां चाइना स्टडी ग्रुप (CSG) की बैठक हुई थी। इस ग्रुप में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ और तीनों सेनाओं के प्रमुख शामिल थे।

सरकारी सूत्रों ने बताया, ' दोनों देशों के बीच जो भी विवादित मुद्दे पर है उन सभी को भारत की ओर से उठाने की संभावना है साथ ही उत्तर के सब-सेक्टर  से सेंट्रल सेक्टर तक पूरी तरह चीनी सेना को हटाने को लेकर बातचीत की उम्मीद है।' चीन की ओर से मांग की जा रही है कि पहले पैंगोंग झील (Pangong lake) के उत्तरी और दक्षिणी तट पर विवाद के मुद्दों पर चर्चा की जानी चाहिए लेकिन भारत पूरे क्षेत्र पर चर्चा की इच्छा रखता है। 

विदेश मंत्री एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल (CDS) बिपिन रावत, आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवने और एयरफोर्स चीफ आरकेएस भदौरिया समेत तमाम राजनीति व सैन्य अधिकारी चीन के साथ तनावपूर्ण मसले को सुलझाने में जुटे हैं।

Edited By: Monika Minal