इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। इंदौर के टाटपट्टी बाखल में कोरोना संक्रमितों की जांच करने पहुंची मेडिकल टीम पर हमला करने वाले सात उपद्रवियों को पुलिस ने गुरवार सुबह गिरफ्तार कर लिया, जबकि 6 आरोपित देर रात पक़़डे गए। आरोपितों में एक हिस्ट्रीशीटर बदमाश है। पकड़े गए आरोपितों की उनके क्षेत्र में ही जमकर पिटाई की गई। 4 आरोपितों पर रासुका के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें रीवा केंद्रीय जेल भेजा जा रहा है। उधर, पुलिस ने हमले में शामिल 15 अन्य को वीडियो फुटेज के आधार पर चिन्हित कर लिया है। आरोपितों के खिलाफ डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट तहत भी कार्रवाई की गई है। वहीं छत्रीपुरा और टाटपट्टी बाखल क्षेत्र में शाम को पुलिस ने फ्लैग मार्च किया।

एएसपी (पश्चिम) राजेश व्यास के मुताबिक, कोरोना संक्रमितों की जांच करने पहुंचे डॉक्टरों के दल पर बुधवार दोपहर भीड़ ने हमला कर दिया था। उन्हें दौड़ा-दौड़ा कर मारा और पथराव कर दिया। पुलिस ने एक महिला डॉक्टर की शिकायत पर अज्ञात हमलावरों के विरद्ध केस दर्ज किया और गिरफ्तारी की रूपरेखा बनाई। देर रात वीडियो फुटेज के आधार पर कुछ लोगों की पहचान कर ली गई।

सुबह करीब 10 बजे उनके घरों के आसपास बल तैनात किया और मोहम्मद मुस्तफा हाजी मोहम्मद इस्माइल, नौशाद अहमद मुश्ताक अहमद कादरी, मोहम्मद गुलरेज हाजी अब्दुल गनी, शाहरख खान फिरोज बाबा अंसारी, मुबारिक मोहम्मद इसहाक खान, शोहेब उर्फ शोबी मोहम्मद मुख्तियार और मज्जू उर्फ मजीद अब्दुल गफूर सभी निवासी टाटपट्टी बाखल को गिरफ्तार कर लिया। जबकि देर रात 6 और को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

आरोपितों में एक हिस्ट्रीशीटर बदमाश

सीएसपी डीके तिवारी के मुताबिक, आरोपितों में मज्जू हिस्ट्रीशीटर बदमाश है। उसके विरद्ध थाने में 23 केस दर्ज हैं। इनमें हत्या, हत्या की कोशिश, मारपीट, लूट, दंगा फैलाने और अवैध हथियार जैसे अपराध शामिल हैं। एक अन्य आरोपित शोबी पर भी आपराधिक प्रकरण दर्ज है। पुलिस ने सभी की उसी स्थान पर पिटाई की जहां उन्होंने पथराव किया था। आरोपितों ने कान पक़़डे और माफी मांगने लगे। उधर, आइजी विवेक शर्मा ने सभी अफसरों की बैठक लेकर कहा कि स्क्रीनिंग करने वाले अमले की हिफाजत का ध्यान रखा जाना चाहिए। स्वास्थ्य अमले के साथ पर्याप्त बल मौजूद रहे।

रासुका के आरोपितों को रीवा केंद्रीय जेल भेजने के आदेश

टाटपट्टी बाखल में स्वास्थ्य अमले पर पथराव करने के मामले में दोषषी चार लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून ([रासुका)] के तहत मामला दर्ज किया गया है। इनमें मोहम्मद मुस्तफा पिता मो. इस्माइल, मोहम्मद गुलरेज पिता हाजी अब्दुल गनी, सोयब उर्फ शोभी पिता मो. मुख्त्यार और मज्जू उर्फ मजीद पिता अब्दुल गफूर शामिल हैं। कलेक्टर मनीषषसिंह ने इन पर रासुका लगाते हुए रीवा की केंद्रीय जेल में रखने के आदेश किए हैं।

आइजी ने बलवा और जानलेवा हमले की धारा लगवाई

मेडिकल टीम पर हमला करने वालों के खिलाफ पुलिस और प्रशासन ने क़़डी कार्रवाई की है। गुरवार को आइजी विवेक शर्मा ने अफसरों को बोलकर आरोपितों पर बलवा, मारपीट व जानलेवा हमले सहित डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट (डीएम) 2005 की धारा 51 भी बढ़वा दी। आइजी के मुताबिक, डीएम एक्ट रेयर केसों में लगाया जाता है। ऐसे अपराधियों को हमेशा के लिए चिन्हित कर लिया जाता है। गुरवार शाम आइजी छत्रीपुरा व टाटपट्टी बाखल पहुंचे और पूरे इलाके में फ्लैग मार्च करवाया।

सख्त कार्रवाई होगी

डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ 20-20 घंटे काम कर रहे हैं ताकि लोगों की जान बचा सकें। उनके साथ बुरा व्यवहार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं होगा। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। ये लोग लंबे समय तक जेल में रहेंगे।

- मनीष सिंह, कलेक्टर

Posted By: Sanjeev Tiwari

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