नई दिल्‍ली (जेएनएन)। 15 अगस्‍त 2021, जब तालिबान ने काबुल पर कब्‍जा किया था तब से ही विदेशों में SAVE AFGHANISTAN को लेकर लोग सड़कों पर उतरे हुए हैं। इन लोगों की मांग है कि विश्‍व बिरादरी एक जुट होकर तालिबान को खत्‍म करे, और अफगानियों की रक्षा करे। कई जगहों पर इसको लेकर प्रदर्शन भी हो रहे हैं। ये प्रदर्शन मुख्‍य रूप से अमेरिका के खिलाफ हो रहे हैं। इन प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अमेरिका ने दो दशक के बाद अफगानियों को बीच मझधार में तालिबान के हवाले छोड़ दिया है। इस तरह के प्रदर्शन और सेव अफगानिस्‍तान की मांग करने वाले केवल अमेरिका में ही नहीं बल्कि ग्रीस, कनाडा और तुर्की में भी सड़कों पर उतरे हैं। तस्‍वीरों के जरिए देखें अफगानिस्‍तान को बचाने के लिए कहां-कहां सड़कों पर उतरे हैं लोग।  

तुर्की में अफगानिस्‍तान को बचाने की मांग करते हुए लोगों ने विश्‍व बिरादरी से दखल देने की गुहार लगाई है। सड़कों पर उतरने वालों में यहां पर रहने वाले अफगानी नागरिकों के अलावा तुर्की के भी नागरिक शामिल थे। इन्‍हें भी इस बात की चिंता थी कि तालिबान पर विश्‍वास नहीं किया जा सकता है। आपको बता दें कि तुर्की की सेना पिछले दो दशकोंं अफगानिस्‍तान में नाटो सेना के तहत तैनात थी। अब तुर्की अपनी फौज को निकालने के अंतिम चरण में पहुंच चुका है।      

नीदरलैंड के शहर एम्‍सटर्डम में भी हजारों की संख्‍या में लोग हाथों में प्‍लेकार्ड, बैनर लिए सड़कों पर उतरे और तालिबान के चंगुल से अफगानिस्‍तान को बचाने की मांग की। इनके हाथों में जो बैनर थे उन पर Save Afghinistan के अलावा Stop Killing Afghani भी लिखा था। इन लोगों का कहना था कि अफगानियों को भी सम्‍मान से जीने का हक है। 

ग्रीस के एथेंस में भी अफगानिस्‍तान को बचाने के लिए कई जगह पर प्रदर्शन हुए। इसकी मांग करने वालों में बड़ी संख्‍या में युवाओं के अलावा छोटे बच्‍चे भी थे। इनके हाथों में अफगानिस्‍तान का झंडा और बैनर भी थे। ये लोग माइक के जरिए भी अपनी आवाज दुनिया तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे। 

अमेरिका के न्‍यूयार्क में हुए प्रदर्शन में भी SAVE AFGHANISTAN की आवाज उठी। इनकी मांग थी कि अफगानिस्‍तान के खिलाफ प्रोक्‍सी वार को खत्‍म किया जाना चाहिए। इन लोगों में अमेरिका में बसे अफगानी शरणार्थियों से लेकर अमेरिकी नागरिक भी शामिल थे। हाथों में अफगानिस्‍तान के झंडे लिए ये लोग लगातार सेव अफगानिस्‍तान का नारा लगा रहे थे।     

कनाडा के टोरोंटो में अफगानिस्‍तान और अफगानियों की रक्षा के लिए जो लोग सड़कों पर उतरे उनके निशाने पर अमेरिका भी रहा। इन लोगों का कहना था कि अमेरिका ने इन्‍हें बीच में छोड़ दिया। इनका आरोप था कि अमेरिका ने अफगानियों को तालिबान के सामने मरने के लिए छोड़ दिया है। अफगानिस्‍तान की सुरक्षा को लेकर दुनिया के सामने अपनी मांग रखने वालों में बड़ी संख्‍या में युवा शामिल थे। 

 

Edited By: Kamal Verma