क्या एकतरफा लिए गए चुनाव आयोग के फैसले?, सीईसी ज्ञानेश कुमार के निलंबन की याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट आज मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के निलंबन और उनके कथित 'अनधिकृत' निर्णयों को रद्द करने की याचिकाओं पर सुनवाई करेगा।

CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के निलंबन और उनके द्वारा लिए गए कथित "अनधिकृत" निर्णयों को पलटने की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई करेगा।
यह सुनवाई प्रधान न्यायाधीश (सीजेआइ) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ द्वारा की जाएगी। याचिकाएं पटना निवासी राकेश कुमार सिंह और अधिवक्ता शैलेंद्र मणि त्रिपाठी द्वारा दायर की गई हैं।
याचिकाओं में मुख्य रूप से यह सवाल उठाया गया है कि क्या सीईसी ज्ञानेश कुमार ने उन शक्तियों का व्यक्तिगत रूप से इस्तेमाल किया है जो कानूनी रूप से पूरे चुनाव आयोग की हैं। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि ज्ञानेश कुमार ने अन्य दो चुनाव आयुक्तों - सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी - की सहमति या संस्तुति के बिना विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े दिशानिर्देशों और साफ्टवेयर में बदलाव किए।
एक मीडिया रिपोर्ट के हवाले से यह भी सामने आया है कि पिछले 10 महीनों में दोनों अन्य चुनाव आयुक्तों ने कम से कम 14 बार ऐसे फैसलों पर आपत्ति दर्ज कराई थी जो उनकी जानकारी के बिना जारी किए गए थे।
अधिवक्ता शैलेंद्र मणि त्रिपाठी के माध्यम से दायर याचिका में यह आरोप लगाया गया है कि सीईसी के ये कदम वैधानिक रूप से जरूरी सामूहिक निर्णय की प्रक्रिया का सीधा उल्लंघन करते हैं। याचिका में मांग की गई है कि आयोग की सामूहिक गरिमा और 'बहु-सदस्यीय चरित्र' को बचाने के लिए अंतिम सुनवाई तक ज्ञानेश कुमार को उनके पद के कार्यों से निलंबित किया जाए।
साथ ही, आधिकारिक कर्तव्यों के कथित उल्लंघन के लिए सीईसी और अन्य संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू करने की भी मांग की गई है।
(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
