सुप्रीम कोर्ट से 'दीक्षितरों' को बड़ी राहत, चिदंबरम नटराज मंदिर के लिए मैनेजमेंट बोर्ड गठन के आदेश पर स्टे
सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें चिदंबरम स्थित प्राचीन नटराज मंदिर ...और पढ़ें

नटराज मंदिर के प्रबंधन के लिए बोर्ड बनाने के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट की रोक
HighLights
सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाई।
चिदंबरम नटराज मंदिर के प्रबंधन बोर्ड गठन का आदेश था।
दीक्षितरों की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें चिदंबरम स्थित प्राचीन नटराज मंदिर के प्रशासन की समस्या दूर करने के लिए प्रबंधन बोर्ड गठित किया गया था।
जस्टिस अरविंद कुमार और विपुल पांचोली की पीठ ने बुधवार को हाई कोर्ट के 30 अक्टूबर के फैसले को चुनौती देने वाली दीक्षितरों (न्यासी और पुजारी) की अपील पर नोटिस जारी किया।
पीठ ने कहा,'पक्षों के वकीलों को सुनने के बाद हमारा विचार है कि जिस फैसले को चुनौती दी गई है, उस पर रोक लगाई जानी चाहिए।' मद्रास हाई कोर्ट ने कहा था कि चिदंबरम स्थित प्राचीन नटराज मंदिर का प्रबंधन वंशानुगत पुजारियों ‘पोदु दीक्षितरों’ के हाथों में होने के बावजूद वहां कुप्रबंधन है।
उसने मंदिर के प्रशासन की समस्या दूर करने के लिए प्रबंधन बोर्ड गठित किया था। हाई कोर्ट ने गैर-धार्मिक व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर चिंता जताई थी, जिनके कारण मंदिर परिसर ‘फूड कोर्ट’ में तब्दील हो गया था।
हाई कोर्ट ने कहा था,'मंदिर की संपत्तियां वापस हासिल करने के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है। इसलिए, सभी हिंदुओं की श्रद्धा के केंद्र मंदिर के प्रशासन की समस्या दूर करने का रास्ता पारदर्शी प्रशासन है, जो मौजूदा कुप्रबंधन को खत्म कर सके। इसलिए, हम विशेषज्ञों से युक्त एक प्रबंधन बोर्ड गठित करते हैं, जो स्थिति ठीक होने तक प्रशासन की जिम्मेदारी संभालेगा।'
हाई कोर्ट ने कहा था,'मद्रास हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस वी. भरतिदासन और आर. सुरेश कुमार क्रमशः अध्यक्ष और सह-अध्यक्ष होंगे। सेवानिवृत्त आइएएस अधिकारी सी. राजेंद्रन सदस्य होंगे। पोदु दीक्षितर, श्री सबानायगर मंदिर, चिदंबरम के सचिव व राज्य सरकार के हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग के सचिव पदेन सदस्य होंगे।'
दैनिक पूजा व त्योहारों के आयोजन का विशेषाधिकार पोदु दीक्षितरों का होगा और वे इन्हें स्थापित परंपराओं का उल्लंघन किए बिना आयोजित करेंगे।
सोर्स- न्यूज एजेंसी PTI के इनपुट के अनुसार