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दिल्ली वायु प्रदूषण पर CJI ने लगाई CAQM को फटकार, कहा- कार स्टेटस सिंबल, इसे रोक नहीं सकते, वकील ने दिया ये जवाब

Published: Tue, 06 Jan 2026 08:53 PM (IST)

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में वायु प्रदूषण रोकने में विफल रहने पर केंद्रीय प्रदूषण निगरानी संस्था CAQM को कड़ी फटकार ...और पढ़ें

सुप्रीम कोर्ट ने CAQM को लगाई फटकार (फाइल फोटो)

सुप्रीम कोर्ट ने CAQM को लगाई फटकार (फाइल फोटो)

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्रीय प्रदूषण निगरानी संस्था सीएक्यूएम (वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग) को कर्तव्य में विफल बताते हुए उस वक्त कड़ी फटकार लगाई, जब उसने दिल्ली की सीमाओं पर ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए टोल प्लाजा को अस्थायी रूप से बंद करने या स्थानांतरित के मुद्दे पर दो महीने के स्थगन की मांग की।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सीएक्यूएम दिल्ली-एनसीआर में बिगड़ते वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआइ) के कारणों की पहचान करने या दीर्घकालिक समाधानों पर ध्यान देने में कोई जल्दी नहीं दिखा रहा है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जोयमाल्या बागची की पीठ ने सीएक्यूएम को दो सप्ताह के भीतर विशेषज्ञों की बैठक बुलाने और बिगड़ते प्रदूषण के प्रमुख कारणों पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

एनसीआर में गंभीर वायु प्रदूषण स्तरों को ध्यान में रखते हुए शीर्ष अदालत ने पिछले वर्ष 17 दिसंबर को कई निर्देश जारी किए थे और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) से कहा था कि वे दिल्ली की सीमाओं पर नौ टोल प्लाजा को अस्थायी रूप से बंद करने या स्थानांतरित करने पर विचार करें।

अदालत ने कहा कि प्रदूषण के कारणों की पहचान करना पहला कदम है और फिर उनका समाधान निकाला जाए। उसने सीएक्यूएम के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया। साथ ही पीठ ने कहा कि सीएक्यूएम अपने कर्तव्य के पालन में विफल हो रहा है। अदालत ने कहा कि समाधान लाने के बजाय दिल्ली नगर निगम ने टोल प्लाजा को अपनी आय का स्त्रोत बताते हुए एक हलफनामा दायर किया है।

गुरुग्राम मेट्रोपालिटन डेवलपमेंट अथारिटी ने भी इस मामले में कूदते हुए विभिन्न स्थानों पर उत्पन्न पर्यावरण मुआवजा शुल्क के 50 प्रतिशत के विभाजन के लिए निर्देश की मांग की है।शीर्ष अदालत ने सीएक्यूएम को चरणबद्ध तरीके से दीर्घकालिक समाधानों पर काम शुरू करने और विभिन्न हितधारकों के रुख से अप्रभावित रहते हुए टोल प्लाजा के मुद्दे पर विचार करने का निर्देश दिया।

अब स्टेटस सिंबल बन गई है कार, लोग फोर व्हीलर्स खरीदने के लिए पैसे बचा रहे हैं

सीजेआइ चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि कार अब एक स्टेटस सिंबल बन गई है और लोग साइकिल का उपयोग बंद करके चार पहिया वाहन खरीदने के लिए पैसे बचा रहे हैं। सीजेआइ की यह टिप्पणी एनसीआर में वायु प्रदूषण से संबंधित एक याचिका की सुनवाई के दौरान आई।

असल में वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी ने सुझाव दिया था कि वायु प्रदूषण की समस्या का समाधान किया जा सकता है। लोग कई-कई कार रखते हैं, इसमें कटौती करनी होगी। सुनवाई के दौरान द्विवेदी ने कहा कि आटोमोबाइल उद्योग बहुत शक्तिशाली है। सीजेआइ ने कहा- 'अमीर लोगों को भी त्याग करना होगा। उच्च श्रेणी के वाहनों के बजाय उन्हें अच्छे इलेक्टि्रक वाहनों की ओर बढ़ना चाहिए।' (समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

 

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