नई दिल्ली, आइएएनएस। सुप्रीम कोर्ट की नई पीठ सोमवार 29 अक्टूबर से अयोध्या मामले की सुनवाई शुरू कर सकती है। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ में जस्टिस संजय किशन कौल व न्यायमूर्ति केएम जोसेफ शामिल हैं। इस पीठ को इलाहाबाद हाई कोर्ट के 2010 के फैसले को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं पर विचार करना है।

हाई कोर्ट ने अपने फैसले में अयोध्या स्थित विवादित स्थल की 2.77 एकड़ भूमि को तीनों पक्षकार भगवान राम लला, निर्मोही अखाड़ा व सुन्नी वक्फ बोर्ड के बीच बांटने का आदेश दिया था। इसी को चुनौती देते हुए राम लला विराजमान, हिंदू महासभा व सुन्ना वक्फ बोर्ड सहित कई अन्य पक्षकारों ने शीर्ष कोर्ट में याचिका दायर की हैं।

इससे पहले 27 सितंबर को तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अगुआई वाली पीठ ने दो-एक के बहुमत से आदेश दिया था कि अयोध्या में विवादित जमीन के मालिकाना हक वाले दीवानी मुकदमे की सुनवाई तीन जजों की नई पीठ 29 अक्टूबर से करेगी।

इस दौरान यह पीठ 2010 के हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर विचार करेगी। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया था कि इस मामले में निर्णय सुबूतों के आधार पर किया जाएगा। इस दौरान जस्टिस मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने नमाज के लिए मस्जिद को इस्लाम का अभिन्न हिस्सा न मानने वाले इस्माइल फारूकी मामले वाले फैसले के अंश को पुनर्विचार के लिए सात जजों की पीठ को भेजने से मना कर दिया था।

Posted By: Ravindra Pratap Sing

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