FIR दर्ज क्यों नहीं की? राहत शिविरों में मौत पर SC ने मणिपुर सरकार को लगाई फटकार, पूछे तीखे सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर के राहत शिविरों में आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों की मौतों पर चिंता व्यक्त की है। ...और पढ़ें

सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर राहत शिविरों में हुई मौतों पर हैरानी जताई (फोटो-ANI)
HighLights
सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर राहत शिविरों में हुई मौतों पर हैरानी जताई।
मुख्य सचिव को मौतों की जांच, सुरक्षा पर हलफनामा देने का निर्देश।
अस्वाभाविक मौतों पर कम मुआवजे, एफआईआर न होने पर सवाल।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मणिपुर में आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों (आइडीपी) के लिए बनाए गए राहत शिविरों में कई लोगों की मौत होने पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को हैरानी जताई। शीर्ष अदालत ने राज्य के मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि वह कोर्ट को वहां हुई मौतों की जांच, आपराधिक कार्रवाई शुरू करने और शिविरों में रह रहे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दें।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने राज्य के शीर्ष नौकरशाह से पूछा कि जस्टिस गीता मित्तल समिति द्वारा राहत शिविरों में आइडीपी की मौतों के बारे में जानकारी दिए जाने के बावजूद कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया गया। इन मौतों में अस्वाभाविक मौत भी शामिल हैं। पीठ ने आदेश में कहा, 'हम मणिपुर के मुख्य सचिव को राहत शिविरों में हुई मौतों, विशेषकर अस्वाभाविक मौतों पर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश देते हैं।' शीर्ष न्यायालय ने यह भी पूछा कि 34 मौतों में से केवल 20 मामलों में ही पोस्टमार्टम क्यों किया गया। पीठ ने कहा, 'राज्य को यह भी स्पष्ट करना होगा कि राहत शिविरों में रहने के दौरान अस्वाभाविक मौत का शिकार हुए आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों के मामले में केवल 20 से 30 हजार रुपये का मुआवजा क्यों दिया गया।' पीठ ने मणिपुर राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (एमएसएलएसए) को इस मुद्दे पर एक अलग स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश भी दिया। चीफ जस्टिस ने एमएसएलएसए से यह सुनिश्चित करने को कहा कि अस्वाभाविक मौतों के सभी मामलों में प्राथमिकी दर्ज की जाए।
शिविरों में 30 से ज्यादा हुईं मौतें
पीठ ने यह आदेश जस्टिस मित्तल समिति और एक आइएएस अधिकारी की रिपोर्ट देखने के बाद दिया। रिपोर्ट में बताया गया है कि मणिपुर के राहत शिविरों में 30 से ज्यादा मौतें हुई हैं और इनमें से एक मौत कथित तौर पर यौन उत्पीड़न के बाद हुई थी।
