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'पहले से मिले अधिकारों को खत्म नहीं कर सकता', ट्रांसजेंडर संशोधन अधिनियम पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा 

Published: Mon, 03 Aug 2026 09:29 PM (IST)

सुप्रीम कोर्ट 17 अगस्त को ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन अधिनियम, 2026 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अंतिम सुनवाई करेगा।

सुप्रीम कोर्ट 17 अगस्त को ट्रांसजेंडर अधिनियम पर अंतिम सुनवाई करेगा

सुप्रीम कोर्ट 17 अगस्त को ट्रांसजेंडर अधिनियम पर अंतिम सुनवाई करेगा

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि वह ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन अधिनियम, 2026 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली सभी याचिकाओं पर 17 अगस्त को अंतिम सुनवाई करेगा।

इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने उन ट्रांसजेंडर लोगों के अधिकारों को लेकर चिंता व्यक्त की, जिन्होंने पिछले कानूनी ढांचे के तहत पहचान पत्र प्राप्त किए थे। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने इस संबंध में आदेश जारी किया।

जस्टिस बागची ने कहा कि पीठ विशेष रूप से उन ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों के संरक्षण को लेकर चिंतित है, जिन्हें पहले के कानून के तहत ट्रांसजेंडर (टीजी) पहचान पत्र जारी किए गए थे।

याचिकाकर्ताओं में से एक की ओर से पेश वरिष्ठ वकील जयना कोठारी ने कहा कि जब याचिकाएं दायर की गई थीं, तब सरकार ने एक अधिसूचना जारी करके संशोधित कानून को 25 मई से लागू कर दिया। उन्होंने कहा कि ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को पहचान पत्र जारी करने वाला नेशनल पोर्टल बंद है।

वरिष्ठ वकील ने पीठ से अनुरोध किया कि पहले के कानून के तहत टीजी कार्ड प्राप्त करने वाले व्यक्तियों को उनके मौजूदा अधिकारों से वंचित नहीं किया जाए।

उन्होंने याचिकाओं पर फैसला होने तक ऐसे कार्ड की वैधता को लेकर यथास्थिति बनाने रखने की मांग की है। जबकि अन्य याचिकाकर्ताओं ने भी अपने वकीलों के माध्यम से संशोधित कानून के कार्यान्वयन से उत्पन्न व्यावहारिक दिक्कतों को उजागर किया है।

यह बात भी रखी गई कि पासपोर्ट समेत अन्य दस्तावेज पर अपनी कानूनी स्थिति अपडेट करने वाले ट्रांसजेंडरों को अंतरराष्ट्रीय यात्रा के दौरान अनिश्चितता का सामना करना पड़ सकता है।

एक अन्य वकील ने कहा कि कुछ लोगों को हार्मोन थेरेपी में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जबकि केंद्र की ओर से पेश हुए सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा।

(न्यूज एजेसी पीटीआई के इनपुट के साथ)