नई दिल्‍ली, एएनआइ। सुप्रीम कोर्ट ने राकेश अस्थाना की सीबीआई स्पेशल डायरेक्टर पद पर नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है। कॉमन कॉज एनजीओ ने अपनी याचिका में कहा था कि अस्‍थाना की नियुक्ति नियमों को ताक पर रखकर हुई है।

एनजीओ ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) में विशेष निदेशक के रूप में गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी राकेश अस्थाना की नियुक्ति को चुनौती दी थी। उन्‍होंने सुप्रीम कोर्ट में आरोप लगाया था कि उनका बेटा एक निजी फर्म में कार्यरत है, जिसकी सीबीआइ द्वारा जांच की जा रही है।

न्यायमूर्ति आर के अग्रवाल और न्यायमूर्ति ए एम सप्रे की पीठ से याचिकाकर्ता एनजीओ कॉमन कॉज के वकील ने कहा कि कंपनी कथित रूप से भ्रष्टाचार में लिप्त है और सीबीआइ द्वारा दर्ज प्राथमिकी के अनुसार उसने भारत में कई फर्जी कंपनियां और बेनामी कंपनियां खोली हैं।

याचिका में आरोप लगाया गया कि अस्थाना की नियुक्ति का फैसला अवैध और एकतरफा है। इसमें दावा किया गया कि सीबीआइ एक मामले की जांच कर रही है, जिसमें अस्थाना का नाम सामने आया है। अस्थाना की नियुक्ति के बाद वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर अदालत से मांग की थी कि अस्थाना के खिलाफ सीबीआइ जांच पूरी होने तक उन्हें विभाग से बाहर रखा जाए।

याचिका में दावा किया गया है कि सरकार और चयन समिति ने कानून का उल्लंघन करते हुए सीबीआइ निदेशक के विचार को दरकिनार कर दिया। सीबीआइ में निदेशक पद के बाद विशेष निदेशक का पद दूसरा बड़ा पद होता है और वह एजेंसी द्वारा देखे जा रहे लगभग सभी महत्वपूर्ण मामलों का निरीक्षण करता है।

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Posted By: Tilak Raj