नई दिल्ली, प्रेट्र।  सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने महाराष्ट्र (Maharashtra) को छोड़कर सभी राज्यों को जिला और राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोगों में जनवरी, 2022 तक सभी रिक्तियां भरने का निर्देश दिया है।जस्टिस एसके कौल और जस्टिस एमएम सुंद्रेश की पीठ ने यह जिक्र किया कि काफी संख्या में राज्य नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी करने के करीब हैं।

तमिलनाडु के बारे में शीर्ष अदालत ने कहा कि हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश को कुछ न्यायाधीशों की नियुक्ति करनी होगी और राज्य सरकार इस उद्देश्य के लिए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश से संपर्क करेगी और 'हमें उम्मीद है कि तत्काल आधार पर नामांकन किए जाएंगे।' मामले में न्यायमित्र नियुक्त किए गए अधिवक्ता आदित्य नारायण ने आयोग में सदस्यों की नियुक्ति के बारे में एक व्यापक स्थिति रिपोर्ट दाखिल की।

पीठ ने कहा, 'न्यायमित्र ने दो महीने का समय सुझाया है, जो जनवरी, 2022 तक है। यह राज्यों द्वारा पूरी तरह से अनुपालन किए जाने के लिए पर्याप्त होना चाहिए। इसमें ऐसे राज्य शामिल हैं जिन्होंने आंशिक रूप से अनुपालन किया है, लेकिन वहां रिक्तियां नहीं भरी गई हैं, हालांकि महाराष्ट्र अपवाद है, जिसे भारत संघ और राज्य की विशेष अनुमति याचिका पर फैसले का इंतजार करना होगा।' न्यायालय ने अदालतों के बुनियादी ढांचे के विकास के मुद्दे पर कहा कि उपयोग प्रमाणपत्र श्रेणी के तहत लंबित कोष बहुत अच्छी स्थिति बयां नहीं करता है।

Edited By: Monika Minal