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'डॉक्टरों पर हमला बर्दाश्त नहीं...', शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे की जमानत SC से रद; तीन दिन में करना होगा सरेंडर

Published: Mon, 28 Sep 2026 12:10 PM (IST)

सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे की जमानत रद्द कर दी है, जिन्हें डॉक्टर से मारपीट के आरोप में ...और पढ़ें

HighLights

  1. सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे की जमानत रद्द की।

  2. डॉक्टरों से मारपीट के आरोप में म्हात्रे को तीन दिन में सरेंडर।

  3. कोर्ट ने कहा, मेडिकल जगत के लोगों पर हमला बर्दाश्त नहीं।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को दी गई जमानत रद्द कर दी है। कोर्ट ने म्हात्रे को 3 दिन में सरेंडर करने का आदेश देते हुए कहा कि मेडिकल जगत के लोग लोगों की सेवा करते हैं, उन पर इस तरह से हमला नहीं किया जा सकता है ।रमेश म्हात्रे पर एक सरकारी अस्पताल में डॉक्टर के साथ मारपीट करने का आरोप है।

क्या था मामला?

महाराष्ट्र के केडीएमसी के शास्त्री नगर अस्पताल में 6 जुलाई को दो डॉक्टरों के साथ मारपीट का मामला हुआ था जिसमें शिवसेना पार्षदरमेश म्हात्रे को पुलिस ने 9 जुलाई को गिरफ्तार किया था।

अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, एक महिला ने सीजेरियन ऑपरेशन से बच्चे को जन्म दिया था। जांच में पता चला कि बच्चे की गर्दन में नाल दो बार लिपटी हुई थी इसलिए उसे तुरंत विशेष इलाज की जरूरत थी। लेकिन अस्पताल का नवजात गहन चिकित्सा कक्ष (NICU) पहले से भरा था। ऐसे में डॉक्टरों ने परिवार को बच्चे को दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दी।

इसके बाद परिजनों ने शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे से संपर्क किया। उस समय डॉक्टर दूसरे मरीजों के इलाज में व्यस्त थे जिस कारण उनका फोन नहीं उठा सके। इसके बाद म्हात्रे नाराज होकर अपने साथियों के साथ अस्पताल पहुंचे। म्हात्रे पर आरोप था उन्होंने पहले अस्पताल में डॉक्टरों से बहस की और फिर उनके साथ मारपीट की।

घटना का CCTV फुटेज आया था सामने

इस पूरी घटना का एक CCTV फुटेज भी सामने आया था जिसके बाद मामला और गरमा गया था, डॉक्टरों के भारी विरोध प्रदर्शन और दबाव के बीच पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की और म्हात्रे को गिरफ्तार किया।

बॉम्बे हाई कोर्ट ने दी थी जमानत

7 अगस्त को बॉम्बे हाई कोर्ट ने रमेश म्हात्रे को सशर्त जमानत दी थी। बॉम्बे हाई कोर्ट ने जमानत के साथ निर्देश दिया है कि किसी भी आरोपी को गवाहों को सीधे या परोक्ष रूप से प्रभावित करने या पीड़ित डॉक्टरों से संपर्क करने की कोशिश नहीं करनी है। अदालत ने म्हात्रे को महाराष्ट्र से दूर रहने का आदेश दिया था।

 

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