कोलकाता [जाब्यू]। करोड़ों रुपये के सारधा चिटफंड घोटाले की जांच कर रही सीबीआइ ने तृणमूल कांग्रेस के एक और सांसद पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। अपने अगले कदम में जांच एजेंसी ने ममता के करीबी व पूर्व केंद्रीय रेलमंत्री मुकुल राय को पूछताछ के लिए तलब किया है। सोमवार को सीबीआइ ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव व तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद रॉय के घर समन भेजा। सीबीआइ के इस कदम से पार्टी सुप्रीमो व पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को तगड़ा झटका लगा है।

सारधा प्रमुख सुदीप्त सेन की जालसाजी से पनपे इस घोटाले ने बंगाल सहित कई प्रदेशों में हजारों लोगों के करोड़ों रुपये डुबा दिए। अब इसकी दलदल में प्रदेश की सत्ताधारी पार्टी भी धंसती नजर आ रही है। तृणमूल के निलंबित सांसद कुणाल घोष, सृंजय बोस और परिवहन व खेल मंत्री मदन मित्रा की गिरफ्तारी के बाद सीबीआइ ने सांसद मुकुल रॉय को समन भेजने के साथ सोमवार को फोन करके भी पूछताछ के लिए कार्यालय हाजिर होने का निर्देश दिया। फोन पर मुकुल ने सीबीआइ अधिकारी को एक-दो दिन में हाजिर होने को कहा है। जांच एजेंसी ने उनके कांचरापाड़ा व दिल्ली आवास पर भी जरिये डाक समन भेजा। मुकुल पर आरोप है कि सुदीप्त सेन की फरारी के समय उन्होंने अपने दिल्ली आवास पर उसके साथ बैठक की थी। इसके अलावा फरारी से पहले सुदीप्त ने मुकुल को पांच सौ करोड़ रुपये दिए थे।

भाजपा के इशारे पर काम कर रही सीबीआइ

तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता व राज्यसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक डेरेक-ओ-ब्रायन ने एक बार फिर आरोप लगाया कि सीबीआइ भाजपा के इशारे पर काम कर रही है। कहा, राजनीतिक स्तर पर हमसे मुकाबला न कर पाने के कारण भाजपा सीबीआइ को हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है। कांग्रेस नेता अब्दुल मन्नान ने सीबीआइ के कदम को सही ठहराते हुए कहा कि सारधा में मुकुल की गिरफ्तारी पर भी आश्चर्य जैसी बात नहीं होनी चाहिए।

Posted By: Abhishake Pandey

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