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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 05, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दाम के चलते फंसा एस-400 एयर डिफेंस मिसाइल सौदा

By Srishti VermaEdited By:
Published: Thu, 05 Apr 2018 12:03 PM (IST)

सेना के तीनों ही अंगों में ब़़डी मात्रा में रूसी हथियार व अन्य सुरक्षा सामग्री उपयोग में लाई जा रही ...और पढ़ें

दाम के चलते फंसा एस-400 एयर डिफेंस मिसाइल सौदा
दाम के चलते फंसा एस-400 एयर डिफेंस मिसाइल सौदा

मॉस्को (एजेंसी)। अंतरराष्ट्रीय मंच पर आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को घेरते हुए भारत ने नाम लिए बगैर उसे अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया है। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन ने कहा, कुछ गैर जिम्मेदार देशों के आंतकी समूहों को संरक्षण देने से सुरक्षा को लेकर खतरे ब़़ढ गए हैं। सीतारमन ने यह बात अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर आयोजित सातवें सम्मेलन में कही। एस-400 ट्रंफ एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम का रूस के साथ सौदा मूल्य पर मतभेद के चलते अभी अंतिम रूप नहीं ले पाया है।

दुश्मन की मिसाइलों के हमले से बचाव करने वाले इस सिस्टम का सौदा करीब 40,000 करोड़ रपए का है। रक्षा मंत्री ने कहा, धार्मिक कट्टरता से भरे युवा तकनीक और सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह स्थिति बहुत ज्यादा खतरनाक है। इन्हीं तरीकों के इस्तेमाल से इस्लामिक स्टेट (आईएस) मजबूत हुआ। उन्होंने आतंकवाद को पनाह देने वाले देशों के खिलाफ दुनिया को एकजुट होने का आह्वान किया। दौरे पर आई सीतारमन ने बुधवार को भारत और रूस के बीच सैन्य सहयोग ब़़ढाने के लिए रूसी रक्षा जनरल सर्गेई शोयगू और उद्योग व व्यापार मंत्री डेनिस मांटूरोव से वार्ता की। रूस दशकों पुराना भारत का ब़़डा रक्षा सहयोगी है।

सेना के तीनों ही अंगों में ब़़डी मात्रा में रूसी हथियार व अन्य सुरक्षा सामग्री उपयोग में लाई जा रही है। अब भारत की अपेक्षा रूस से तकनीक साझा करने की है। भारत चाहता है कि भविष्य के लिए होने वाले हथियारों के सौदे 'मेक इन इंडिया' मुहिम के तहत भारत में बनाए जाएं। सीतारमन ने इसी अपेक्षा को रूसी रक्षा मंत्री और उद्योग मंत्री से मुलाकात में उजागर किया है। एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम के अतिरिक्त सीतारमन कई और हथियारों की खरीद पर भी वार्ता कर रही हैं। मंगलवार शाम सीतारमन ने सरोद वादक उस्ताद अमजद अली खान के एक कार्यक्रम में भी भाग लिया। यह कार्यक्रम दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों की 70वीं वषर्षगांठ पर आयोजित किया गया था।