नई दिल्ली, आइएएनएस। पड़ोसी देश नेपाल के साथ तनावपूर्ण रिश्ते पर आश्चर्य जताते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने कहा कि अगर वह चीन के झांसे से जल्द बाहर नहीं आया तो उसकी स्थिति भी तिब्बत जैसी हो जाएगी। संघ से जुड़े सूत्रों ने नेपाल को चीन की विस्तारवादी नीति से सतर्क रहने की सलाह दी है।

आरएसएस ने नेपाल के साथ रिश्ते में हमेशा रुचि दिखाई है। इसकी प्रमुख वजहें सांस्कृतिक समानता, दोनों देशों की जनता के बीच करीबी संबंध व बड़ी हिंदू आबादी है। हालांकि, वर्ष 2008 में राजतंत्र की समाप्ति के साथ ही नेपाल को धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र घोषित कर दिया गया था। आरएसएस भारत-नेपाल में नक्शे को लेकर हुए विवाद पर नजर रख रहा है।

कम्यूनिस्ट चीन सरकार की गोद में खेल रहे नेपाली प्रधानमंत्री

आरएसएस के वरिष्ठ नेताओं की हालिया बैठक में नेपाल के साथ मौजूदा रिश्तों का मुद्दा भी उठा। एक वरिष्ठ नेता ने कहा, 'केपी शर्मा ओली की नेतृत्व वाली नेपाल की कम्युनिस्ट सरकार चीन की गोद में खेल रही है। नेपाल के लोग भी ओली सरकार की खिलाफत कर रहे हैं। अगर नेपाल जल्द ही चीन के झांसे से बाहर नहीं निकला तो उसकी स्थिति भी तिब्बत जैसी हो जाएगी। उसकी संप्रभुता खत्म हो जाएगी। दुनिया चीन की विस्तारवादी नीति को जानती है। उसकी निगाह हमेशा पड़ोसी देश की जमीन पर होती है।'

आरएसएस ने तनाव के बावजूद केंद्र सरकार और भारतीय मीडिया को नेपाल के साथ मित्र देश जैसा व्यवहार करने का आग्रह किया है। उसने मीडिया से नेपाल के लिए कटु शब्द का इस्तेमाल नहीं करने का आह्वान किया है। संघ ने कहा कि चीन व पाकिस्तान पर लागू होने वाली नीति नेपाल पर लागू नहीं की जा सकती। वह हमेशा से भारत का मित्र देश रहा है।

Posted By: Dhyanendra Singh

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