नई दिल्ली [जेएनएन]। जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में गुरुवार को वरिष्ठ पत्रकार शुजात बुखारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस हमले में उनके दो अंगरक्षक भी मारे गए।बुखारी पर हमला श्रीनगर की प्रेस कॉलोनी में शाम करीब साढ़े सात बजे तब किया गया जब वह अपने कार्यालय से इफ्तार के लिए निकले थे। हमला किसने किया ये अभी पता नहीं लग पाया है। बताया जा रहा है कि शुजात बुखारी की हत्या आतंकियों ने की है। हालांकि, अभी तक किसी आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुजात की मौत पर दुख जताया है। एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने शुजात की हत्या की निंदा की है।

बुखारी की हत्या के बाद मीडिया जगत में शोक की लहर है। जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने इस हमले की कड़ी निंदा की और घटना पर दुख जताया। मुफ्ती ने ट्विटर पर लिखा- 'शुजात बुखारी की अचानक मौत से बेहद दुखी हूं, ईद की पूर्व संध्या पर आतंक ने अपना घिनौना चेहरा दिखाया है। इस हिंसा की कार्रवाई की कड़ी निंदा करती हूं और उनकी आत्मा की शांति के लिए कामना करती हूं। उनके परिवार को मेरी ओर से सांत्वना।'

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने की निंदा
वरिष्ठ पत्रकार की हत्या की गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कड़ी निंदा की और पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की। राजनाथ सिंह ने कहा- 'बुखारी की हत्या करना एक कायराना हरकत है। यह कश्मीर की आवाज दबाने की कोशिश है। बुखारी एक निडर और साहसी पत्रकार थे। उनकी मौत की ख़बर से गहरा दुख हुआ है। पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं।'

शुजात बुखारी की हत्या पर दुख जताते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया। उन्होंने कहा- 'राइजिंग कश्मीर के संपादक शुजात बुखारी की हत्या के बारे में सुनकर दुखी हूं। वह एक बहादुर दिल इंसान थे, जो जम्मू-कश्मीर में न्याय और शांति के लिए निडरता से लड़े। उनके परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं। उन्हें भुलाया नहीं जा सकेगा।'

केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने शुजात की हत्या पर दुख जताया। उन्होंने कहा- 'शुजात बुखारी की हत्या प्रेस की आजादी पर एक क्रूर हमला है। आतंक का एक भयावह और अपमानजनक कार्य है। निडर मीडिया हमारे लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है और हम मीडिया व्यक्तियों को एक सुरक्षित और अनुकूल कामकाजी माहौल प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।'

शुजात बुखारी घाटी का बड़ा नाम 
शुजात बुखारी भारत-पाक के बीच संबंध सामान्य बनाने के लिए जारी ट्रैक -2 की प्रक्रिया में भी शामिल थे। उन्हें 10 जून 2006 को भी आतंकियों ने श्रीनगर के रेजीडेंसी रोड से अगवा किया था। वह अंग्रेजी दैनिक 'राइजिंग कश्मीर' के अलावा कश्मीरी भाषा के अखबार संगरमाल और उर्दू दैनिक 'बुलंद कश्मीर' के संपादक और प्रकाशक थे। उनके बड़े भाई सईद बशारत बुखारी पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार में कानून मंत्री हैं। शुजात बुखारी के परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं।

By Vikas Jangra